ग्लोबल मार्केट से मिले चिंताजनक संकेतों के कारण आज भारतीय शेयर बाज़ार में बिकवाली हावी रही।
खास तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
इस दबाव को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने और बढ़ाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल महीने (2026) में ही FIIs ने करीब ₹43,967 करोड़ के भारतीय शेयर बेचे हैं। पिछले 18 महीनों में यह बिकवाली $45 बिलियन से अधिक हो चुकी है, जिसने MSCI इंडेक्स में भारत की हिस्सेदारी भी कम कर दी है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की तरफ से मजबूत खरीदारी ने बाज़ार को सहारा देने की कोशिश की है।
अलग-अलग सेक्टर्स में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला। IT, फार्मा, PSU बैंक्स और प्राइवेट बैंक्स जैसे सेक्टर्स में कमजोरी रही। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल एस्टेट और चुनिंदा मिड/स्मॉलकैप IT व टेलीकॉम स्टॉक्स में कुछ मजबूती दिखी।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भी अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है और न्यूट्रल (Neutral) रुख बनाए रखा है। यह कदम बढ़ती महंगाई को देखते हुए ग्रोथ को बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है, खासकर तेल की कीमतों में उछाल के चलते।
बाज़ार के सामने फिलहाल कुछ बड़े जोखिम बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर, तेल सप्लाई में बाधा और कीमतों में और उछाल का खतरा पैदा कर सकता है। FIIs की लगातार बिकवाली संकेत देती है कि विदेशी निवेशक शायद लंबी अवधि के लिए भारत में निवेश को लेकर उतने उत्साहित नहीं हैं। RBI का न्यूट्रल स्टैंड ग्रोथ के लिए अच्छा है, लेकिन अगर सप्लाई-साइड महंगाई बढ़ी तो भविष्य में पॉलिसी में बदलाव करना पड़ सकता है। इसके अलावा, अमेरिका में महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) भी ब्याज दरों में कटौती टाल सकता है, जिसका असर उभरते बाज़ारों और भारतीय रुपये पर भी पड़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि नज़दीकी भविष्य में बाज़ार में उतार-चढ़ाव (volatility) और कंसोलिडेशन (consolidation) जारी रह सकता है। Nifty के 23,600 से 24,400 के दायरे में रहने की उम्मीद है। बाज़ार की दिशा US-ईरान संघर्ष के घटनाक्रम और FIIs के फ्लो पैटर्न पर निर्भर करेगी। निवेशकों को स्टॉक-स्पेसिफिक मौकों पर ध्यान देने और डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाए रखने की सलाह दी गई है।
