Geopolitical Crisis और Oil Shock का डबल अटैक! भारतीय शेयर बाजार धराशायी, Sensex 1300+ अंक टूटा

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Geopolitical Crisis और Oil Shock का डबल अटैक! भारतीय शेयर बाजार धराशायी, Sensex 1300+ अंक टूटा
Overview

भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार, 9 मार्च 2026 को भारी गिरावट दर्ज की गई। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण, Sensex **1,352.74** अंक गिरकर **77,566.16** पर और Nifty **422.40** अंक टूटकर **24,028.05** पर बंद हुआ। यह चौतरफा बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बड़ी निकासी और बढ़ती वोलैटिलिटी (Volatility) का नतीजा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

भू-राजनीतिक संकट और कच्चे तेल का झटका

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार, 9 मार्च 2026 को भूचाल ला दिया। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आया, Brent क्रूड $119 प्रति बैरल के पार चला गया। इस बढ़त ने वैश्विक स्तर पर महंगाई और आर्थिक सुस्ती का डर पैदा कर दिया, खासकर भारत जैसे देश के लिए जो तेल आयात पर बहुत अधिक निर्भर है।

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना दिया। इस 'रिस्क-ऑफ' सेंटिमेंट (Risk-off Sentiment) के चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी (Equity) बाजारों से ताबड़तोड़ बिकवाली की। पिछले चार ट्रेडिंग सत्रों में FIIs ने लगभग ₹21,000 करोड़ निकाले, जिसने बाजार पर दबाव और बढ़ा दिया।

बाजार पर तत्काल असर: हर सेक्टर में गिरावट

इस बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखा। BSE Sensex 1,352.74 अंक की गिरावट के साथ 77,566.16 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 422.40 अंक टूटकर 24,028.05 पर आ गया। कारोबार के दौरान Sensex 2,994 अंक तक लुढ़क कर 76,424.55 के निचले स्तर पर पहुंच गया था, और Nifty भी 23,597 पर आ गया था। दोनों ही सूचकांक अपने हालिया शिखर से 10% से अधिक नीचे आ गए, जिससे बाजार में घबराहट बढ़ गई। बाजार की वोलैटिलिटी (Volatility) मापने वाला India VIX इंडेक्स भी काफी उछला।

सभी सेक्टर्स में भारी गिरावट देखी गई। BSE पर सभी 38 सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे बुरा हाल बैंकिंग सेक्टर का रहा, BANKEX इंडेक्स 3.95% लुढ़क गया। IT सेक्टर पर भी दबाव दिखा, जो वैश्विक टेक्नोलॉजी खर्च में कमी और विदेशी क्लाइंट्स पर निर्भरता के चलते प्रभावित हुआ।

आर्थिक पहलू और वैल्यूएशन

भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी मिले-जुले संकेत थे। जनवरी 2026 में महंगाई RBI की सहनशीलता सीमा 2.75% के करीब थी, लेकिन अगर तेल की ऊंची कीमतें उपभोक्ताओं तक पहुंचीं तो इसमें बढ़ोतरी का जोखिम था। वहीं, RBI ने फरवरी 2026 में रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा था। इस बीच, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर ₹92.30 के करीब पहुंच गया।

बाजार के वैल्यूएशन (Valuation) भी चिंताजनक थे। मार्च 2026 की शुरुआत में Nifty 50 का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 21.39 था, जो ऐतिहासिक रूप से ओवरवैल्यूड (Overvalued) माने जाने वाले स्तरों के करीब है।

अंदरूनी जोखिम और कमजोरियां

लगातार तेल आयात पर निर्भरता भारत को ऐसे भू-राजनीतिक झटकों के प्रति बेहद संवेदनशील बनाती है। मध्य पूर्व में लंबा संघर्ष चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) बढ़ा सकता है और रुपये पर दबाव डाल सकता है। इससे पहले भी FIIs की बिकवाली जारी थी, जिसकी वजह वैश्विक ब्याज दरों में बढ़ोतरी और पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग थी।

भविष्य का नजरिया: वोलैटिलिटी और सतर्कता

विश्लेषकों का मानना है कि भू-राजनीतिक घटनाओं और तेल की कीमतों पर नजर रखी जाएगी, जिससे वोलैटिलिटी (Volatility) बनी रहेगी। हालांकि कुछ इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीद का अवसर मान रहे हैं, पर तत्काल सेंटिमेंट (Sentiment) सतर्क है। कुछ जानकारों का मानना है कि Nifty 22,000 या 19,000 तक भी गिर सकता है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.