उद्योग क्षेत्र में मज़बूत विस्तार
बैंकों ने मार्च में औद्योगिक क्षेत्र को 15% ज़्यादा लोन दिया, जो पिछले साल की तुलना में एक बड़ी उछाल है। यह वृद्धि बड़े कॉरपोरेशन्स (Corporations) और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) दोनों को दिए गए मज़बूत लोन के कारण हुई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 41 बैंकों के आंकड़ों के अनुसार, लोन की मांग लगातार बढ़ रही है।
प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में दिखी ताक़त
कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बकाया क्रेडिट (Outstanding Credit) में ज़बरदस्त सालाना ग्रोथ दर्ज की गई। इनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, बेसिक मेटल्स और मेटल प्रोडक्ट्स, केमिकल्स और केमिकल प्रोडक्ट्स, और पेट्रोलियम, कोल प्रोडक्ट्स और न्यूक्लियर फ्यूल्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह व्यापक मजबूती (Broad-based Strength) आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने का संकेत देती है।
सर्विस और पर्सनल लोन में भी उछाल
उद्योगों के अलावा, सर्विस सेक्टर में क्रेडिट 19% बढ़ा (जो एक साल पहले 12% था)। इसकी वजह नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs), ट्रेड और कमर्शियल रियल एस्टेट को ज़्यादा लोन मिलना रहा। पर्सनल लोन सेगमेंट 16.2% (जो 11.7% था) बढ़ा, जिसमें व्हीकल लोन और गोल्ड ज्वेलरी के अगेंस्ट लोन खास तौर पर मज़बूत रहे, जबकि होम लोन स्थिर रहे। एग्रीकल्चर और एलाइड एक्टिविटीज को भी 15.7% सालाना की बढ़ोतरी के साथ काफी लोन मिला।
कुल मिलाकर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के यह आंकड़े बढ़ते हुए आर्थिक गतिविधि और बिज़नेस व ग्राहकों द्वारा क्रेडिट को मज़बूत ढंग से अपनाने का संकेत देते हैं। यह लगातार आर्थिक विस्तार (Economic Expansion) की संभावनाओं को बल देता है।
