India Inc. की कमाई पर जियो-पॉलिटिक्स का साया! IT-ऑटो चमके, Pharma-Oil की गिरी चाल

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Inc. की कमाई पर जियो-पॉलिटिक्स का साया! IT-ऑटो चमके, Pharma-Oil की गिरी चाल
Overview

India Inc. के Q4FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कुल मिलाकर मुनाफे में करीब **4.2%** की मामूली बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन यह IT और ऑटो जैसे कुछ सेक्टर्स की अच्छी परफॉर्मेंस की बदौलत है। वहीं, फार्मा और ऑयल & गैस जैसे सेक्टर्स दबाव में दिखे।

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Q4FY26 की कमाई के सीजन में India Inc. का कुल मुनाफा लगभग 4.2% बढ़कर सामने आया है। हालांकि, यह आंकड़ा केवल ऊपरी तौर पर अच्छा लग रहा है, क्योंकि असलियत में अलग-अलग सेक्टर्स का प्रदर्शन एक-दूसरे से बहुत भिन्न रहा। IT और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स ने इस तिमाही में जहां बढ़िया प्रदर्शन किया, वहीं फार्मा और ऑयल & गैस जैसे क्षेत्र दबाव में दिखे। इस मिले-जुले प्रदर्शन की मुख्य वजहें भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा की गई भारी बिकवाली हैं।

नतीजों में आई बड़ी दरार

JM Financial के अनुसार, अगर बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) को छोड़ दें तो PAT ग्रोथ घटकर 3.1% रह जाती है, और ऑयल & गैस को भी हटा दें तो यह 2.9% हो जाती है। वहीं, JM Financial द्वारा ट्रैक किए गए अन्य कंपनियों के एक बड़े समूह ने 11.2% की मजबूत ग्रोथ दिखाई, जो मुख्य रूप से ऑयल & गैस (19% Y-o-Y), IT सर्विसेज (13% Y-o-Y), मेटल्स & माइनिंग (48% Y-o-Y) और रियल एस्टेट (37% Y-o-Y) जैसे सेक्टर्स से आई है।

IT और ऑटो बने सहारा

Information Technology (IT) सर्विसेज सेक्टर इस तिमाही में एक चमकता सितारा रहा, जिसमें 12% की Y-o-Y ग्रोथ का अनुमान है। कमजोर भारतीय रुपया (INR) इनके मुनाफे को बढ़ाने में मदद कर रहा है। हालांकि, Infosys और HCL Technologies जैसी बड़ी IT कंपनियां FY27 के लिए थोड़ी सतर्क गाइडेंस दे सकती हैं, जो 1.5% से 4.5% (Infosys) और 4% से 6% (HCLTech) की ग्रोथ का संकेत दे रही हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में मजबूत घरेलू मांग, GST में सुधार और पैसेंजर व्हीकल्स (16.8% Y-o-Y) व टू-व्हीलर्स (24.8% Y-o-Y) की लगातार बढ़ती बिक्री के चलते 25% Y-o-Y की दमदार ग्रोथ देखने को मिली। मेटल्स & माइनिंग ने भी 12% Y-o-Y की ग्रोथ दर्ज की, जबकि टेलीकॉम सेक्टर 43% Y-o-Y की भारी उछाल के साथ उभरा।

फार्मा और ऑयल & गैस पर गहराए बादल

दूसरी ओर, फार्मा सेक्टर के लिए यह तिमाही मुश्किलों भरी रही। एक्सक्लूसिव ड्रग्स के पेटेंट एक्सपायर होने के कारण इस सेक्टर में 24% की Y-o-Y गिरावट देखी गई, जिससे Dr. Reddy's, Zydus Lifesciences, Cipla और Sun Pharma जैसी कंपनियों पर असर पड़ा। यूटिलिटीज सेक्टर में 9.2% की गिरावट आई, जबकि कंज्यूमर स्टेपल्स की ग्रोथ 1.5% पर ही सिमट गई। ऑयल & गैस सेक्टर को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का तो फायदा मिला, लेकिन LNG सप्लाई में रुकावटों और एनर्जी सप्लाई रूट्स में दिक्कतों के कारण बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

FIIs की निकासी और जियो-पॉलिटिकल चिंताएं

वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष का सीधा असर एनर्जी मार्केट्स और सप्लाई चेन्स पर पड़ा है। इस ग्लोबल अनिश्चितता के चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारी बिकवाली की। Q4FY26 में FIIs ने लगभग $15.1 बिलियन का पैसा निकाला, जिसमें अकेले मार्च महीने में रिकॉर्ड $12.3 बिलियन (लगभग ₹1.14 लाख करोड़) की निकासी हुई। इसके विपरीत, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने पूरे FY26 में $95.8 बिलियन की खरीदारी की।

आगे क्या? आउटलुक और वैल्यूएशन

निवेशक अब FY27 की मांग की संभावनाओं पर मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रखेंगे। BofA Securities ने Nifty FY27 अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान 11% से घटाकर 8.5% कर दिया है। वर्तमान में 18.6x FY27E PE पर, बाजार न सस्ता है न महंगा, लेकिन यह उभरते बाजार के अपने साथियों से ऊपर ट्रेड कर रहा है। भू-राजनीतिक जोखिम, लगातार $100/bbl से ऊपर बने रहने वाले कच्चे तेल की कीमतें और रिकॉर्ड FII आउटफ्लो, FY27 की अर्निंग्स रिकवरी की उम्मीदों पर भारी पड़ सकते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.