India Inc. की कमाई पर प्रदूषण का कहर! 'स्मॉग सीजन' ने बढ़ाई कंपनियों की मुश्किलें

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Inc. की कमाई पर प्रदूषण का कहर! 'स्मॉग सीजन' ने बढ़ाई कंपनियों की मुश्किलें
Overview

भारत में बढ़ता वायु प्रदूषण अब कंपनियों की कमाई और आर्थिक ग्रोथ के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। रिटेल से लेकर रियल एस्टेट तक, कई सेक्टर की कंपनियां प्रदूषण के चलते हो रही रुकावटों, जैसे कंस्ट्रक्शन रुकना और ग्राहकों का कम आना, से सीधा नुकसान झेल रही हैं। एनालिस्ट्स (Analysts) का कहना है कि हर साल आने वाला 'स्मॉग सीजन' कंपनियों के रेवेन्यू (Revenue) के लिए एक बड़ी चुनौती है।

वायु प्रदूषण का आर्थिक बोझ बड़ा होता जा रहा है। Dalberg Advisors की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में भारत में वायु प्रदूषण की वजह से कुल आर्थिक लागत 260 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें कर्मचारियों की घटती प्रोडक्टिविटी (productivity), गैरहाजिरी, स्वास्थ्य खर्चों में बढ़ोतरी और सबसे बड़ी बात, कंज्यूमर रेवेन्यू (consumer revenue) में भारी कमी शामिल है। अकेले कंज्यूमर खर्च में आई कमी का अनुमान 74 अरब डॉलर लगाया गया है, जो सीधे तौर पर रिटेल सेक्टर पर पड़े असर को दिखाता है।

कॉर्पोरेट जगत में 'वायु प्रदूषण' शब्द का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। BSE AllCap Index की कंपनियों ने 2025 में अपनी अर्निंग्स रिलीज (earnings releases), एनालिस्ट कॉल्स (analyst calls) और प्रेजेंटेशन्स में इस शब्द का इस्तेमाल 988 बार किया। यह 2021 के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा है, जो बताता है कि बिजनेस ऑपरेशन्स (business operations) पर एनवायरनमेंटल फैक्टर्स (environmental factors) का असर बढ़ रहा है। वर्ल्ड बैंक ग्रुप (World Bank Group) की रिपोर्टें भी इसकी गंभीरता बताती हैं, कि सिर्फ उत्तरी भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें प्रदूषण से होती हैं।

कुछ कंपनियों ने तो इसके सीधे वित्तीय असर बताने भी शुरू कर दिए हैं। रिटेल सेक्टर की जानी-मानी चेन Shoppers Stop Ltd. ने दिसंबर क्वार्टर (December quarter) में अपने नेट प्रॉफिट (Net Profit) में पिछले साल के मुकाबले 69% की भारी गिरावट दर्ज की, जिसका एक बड़ा कारण वायु प्रदूषण को बताया गया है। वहीं, क्विक कॉमर्स फर्म Eternal Ltd. ने प्रदूषण की वजह से लगे प्रतिबंधों को अपनी नई स्टोर्स के कंस्ट्रक्शन (construction) में आई बड़ी रुकावट का कारण बताया है।

रियल एस्टेट डेवलपर्स (Real estate developers) भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। Omaxe Ltd. ने दिल्ली में प्रॉपर्टी निवेश के लिए वायु प्रदूषण को एक बड़ा रिस्क (risk) बताते हुए, अब ओपन-एयर हाई स्ट्रीट के बजाय बिल्ट-इन एयर प्यूरीफायर (air purifier) वाले एयर-कंडीशन्ड मॉल्स (air-conditioned malls) बनाने पर फोकस किया है। DLF Ltd. जैसे बड़े डेवलपर ने बताया कि पिछले 4 सालों में हर साल 1 से 1.5 महीने तक प्रदूषण संबंधी प्रतिबंधों के कारण कंस्ट्रक्शन का काम रुका है, जिससे काफी काम के दिन बर्बाद हुए हैं।

एनालिस्ट्स (Analysts) चेतावनी दे रहे हैं कि आमतौर पर अक्टूबर से जनवरी तक चलने वाला यह 'स्मॉग सीजन' शॉपिंग मॉल्स (shopping malls) और हाई स्ट्रीट रिटेलर्स (high street retailers) के लिए रेवेन्यू (Revenue) पर सीधा असर डालेगा। यह उन निवेशकों के लिए चिंता का एक और कारण है, जिन्हें पहले से ही लग रहा है कि आने वाले साल में MSCI India Index की अर्निंग्स (earnings) दूसरे क्षेत्रीय देशों से पीछे रह सकती हैं। इस तरह की रुकावटें उन व्यवसायों के लिए रिस्क असेसमेंट (risk assessment) को बढ़ाती हैं जो प्रभावित शहरी इलाकों पर निर्भर हैं। जैसे-जैसे खराब हवा की गुणवत्ता के दौरान सरकारी प्रतिबंध बढ़ेंगे, कंपनियों को अपने ऑपरेशनल और इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी (investment strategies) में एनवायरनमेंटल रेजिलिएंस (environmental resilience) को शामिल करना होगा।

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