India IPO Market Split: मेनबोर्ड पर सन्नाटा, SME सेगमेंट में बहार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India IPO Market Split: मेनबोर्ड पर सन्नाटा, SME सेगमेंट में बहार
Overview

भारत के आईपीओ मार्केट (IPO Market) में इन दिनों दो अलग-अलग तस्वीरें दिख रही हैं। एक तरफ, जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tensions) और बाजार की वोलैटिलिटी (Volatility) के कारण बड़े मेनबोर्ड आईपीओ (Mainboard IPOs) लॉन्च नहीं हो पा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, छोटे एसएमई आईपीओ (SME IPOs) जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह दिखाता है कि निवेशक सतर्क तो हैं, पर क्वालिटी कंपनियों में पैसा लगाने को तैयार हैं।

जियोपॉलिटिकल टेंशन ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण भारतीय शेयर बाजार पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है, जो महंगाई और रुपए पर दबाव बढ़ा रहा है। आलम यह है कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) मार्च 2026 में ही भारतीय इक्विटी से करीब ₹1.14 लाख करोड़ निकाल चुके हैं। इसका असर बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 (Nifty 50) पर भी साफ दिख रहा है। यह इंडेक्स शुक्रवार को 2% से ज्यादा गिर गया और फरवरी के अपने हाई से 13% से अधिक टूट चुका है। 27 मार्च 2026 के मार्केट डेटा के अनुसार, निफ्टी 50 में 2.09% की गिरावट आई, जिससे निवेशकों की भारी दौलत डूबी। इस व्यापक कमजोरी का सीधा असर प्राइमरी मार्केट पर पड़ा है और इस हफ्ते मेनबोर्ड आईपीओ की नई लॉन्चिंग पूरी तरह रुक गई है। 13 मार्च 2026 को खत्म हुए हफ्ते में ही जियोपॉलिटिकल चिंताओं और बढ़ती एनर्जी कीमतों के चलते निफ्टी 50 में 5.31% की गिरावट दर्ज की गई थी।

एसएमई सेगमेंट में दिख रही मजबूती

जहां बड़े मेनबोर्ड आईपीओ ठंडे बस्ते में चले गए हैं, वहीं स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (SME) सेगमेंट में काफी मजबूती दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश की सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस (Safety Controls & Devices) 6 अप्रैल को अपना आईपीओ लॉन्च करने वाली है, जिसका लक्ष्य ₹48 करोड़ जुटाना है। इसके शेयर ₹75-80 के प्राइस बैंड में पेश किए जाएंगे। वहीं, विविड इलेक्ट्रोमेक (Vivid Electromech) ने ₹130.54 करोड़ जुटाए और 30 मार्च को अपना एसएमई आईपीओ बंद किया, जिसमें शेयर ₹528-555 पर थे। इंडस्ट्रियल मशीनरी बनाने वाली कंपनी टिपको इंजीनियरिंग इंडिया (Tipco Engineering India) 1 अप्रैल को लिस्ट होने वाली है और इसके आईपीओ को 1.5 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। फार्मा कंपनी स्पेशल‍िटी मेडिसिन्स (Speciality Medicines) ने 30 मार्च को ₹29 करोड़ के आईपीओ के बाद बीएसई एसएमई पर लिस्टिंग की।

मेनबोर्ड की बात करें तो कोल इंडिया की सहायक कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) 30 मार्च को लिस्ट हुई। इसके ₹1,842 करोड़ के आईपीओ को मिले-जुले रिस्पांस मिला और यह सिर्फ 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ, वो भी मुख्य रूप से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की ओर से। पावरिका (Powerica) और अम‍िर चंद जगदीश कुमार (एक्सपोर्ट्स) (Amir Chand Jagdish Kumar) 2 अप्रैल से ट्रेडिंग शुरू करने वाले हैं। बासमती चावल और एफएमसीजी उत्पादों के एक्सपोर्टर अम‍िर चंद जगदीश कुमार ने ₹440 करोड़ का फ्रेश इश्यू ₹201-212 प्रति शेयर पर लॉन्च किया था, जो क्लोजिंग तक 3.16 गुना सब्सक्राइब हुआ। फार्मा कंपनी साई पैरेन्टेरल (Sai Parenteral's) का ₹408.79 करोड़ का आईपीओ 26 मार्च को 0.63 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था, जिसमें शेयर ₹372-392 पर थे।

वैल्यूएशन पर कड़ी नजर

बाजार की इस धीमी चाल का असर हालिया आईपीओ की परफॉरमेंस पर भी दिख रहा है। उदाहरण के तौर पर, CMPDI का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹5-9 था, जो लिस्टिंग पर मामूली 3-5% के गेन का संकेत दे रहा था। वहीं, साई पैरेन्टेरल के आईपीओ का जीएमपी शून्य था, जिसका मतलब था कि लिस्टिंग पर कोई प्रीमियम मिलने की उम्मीद नहीं थी और शेयर इश्यू प्राइस ₹392 पर ही लिस्ट हो सकता था। इसी तरह, विविड इलेक्ट्रोमेक और टिपको इंजीनियरिंग इंडिया ने भी फ्लैट जीएमपी दिखाया, जिससे पता चला कि निवेशक लिस्टिंग डे के गेन की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस, जो ₹48 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है, पर मार्च 2025 तक ₹33.84 करोड़ का उधार था, जबकि नेट वर्थ ₹42.17 करोड़ थी, जो कुछ लीवरेज का संकेत देता है। 2026 का ओवरऑल ट्रेंड दिखाता है कि अब तक लिस्ट हुए 11 मेनबोर्ड आईपीओ में से 7 अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिनमें औसतन -5.1% का रिटर्न मिला है। यह दिखाता है कि वैल्यूएशन पर कड़ी जांच हो रही है और सतर्क बाजार में गलती की गुंजाइश बहुत कम है।

आगे क्या उम्मीद करें?

2026 के लिए आईपीओ मार्केट का पाइपलाइन मजबूत बना हुआ है, और कई कंपनियां बड़ी पूंजी जुटाने की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। हालांकि, मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल और अस्थिर सेकेंडरी मार्केट के कारण निवेशक सतर्क रहेंगे। उम्मीद है कि निवेशक क्लियर बिजनेस मॉडल और वाजिब वैल्यूएशन वाली क्वालिटी कंपनियों को प्राथमिकता देंगे। वर्तमान ट्रेंड यह दर्शाता है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितताएं कम नहीं होतीं, मेनबोर्ड सेगमेंट शांत रह सकता है, लेकिन एसएमई सेगमेंट, खास सेक्टरल परफॉरमेंस और एंटरप्रेन्योरियल स्पिरिट के दम पर, मौके देता रहेगा। बाजार की रिकवरी जियोपॉलिटिकल हालात के स्थिर होने, कमोडिटी कीमतों में नरमी और फॉरेन कैपिटल इनफ्लो पर निर्भर करेगी।

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