India Heatwave: गर्मी का 'डबल अटैक'! घर की बिजली का टॉप यूज़र बना ये, क्या तैयार हैं आप?

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Heatwave: गर्मी का 'डबल अटैक'! घर की बिजली का टॉप यूज़र बना ये, क्या तैयार हैं आप?
Overview

भारत में बढ़ती गर्मी और हीटवेव का असर अब घरों की बिजली खपत पर साफ दिख रहा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, कूलिंग एप्लायंसेज (जैसे पंखे, एसी) अब देश में घरों में इस्तेमाल होने वाली बिजली का सबसे बड़ा हिस्सा, यानी **40%**, खा रहे हैं।

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क्या है इस 'ऊर्जा' खपत की वजह?

CLASP और Bureau of Energy Efficiency (BEE) की एक संयुक्त रिपोर्ट में सामने आया है कि देश भर के 4,321 घरों के सर्वे के आधार पर, पंखे, एयर कंडीशनर (AC), और कूलर जैसे कूलिंग उपकरण अब भारतीय घरों में बिजली के सबसे बड़े कंज्यूमर बन गए हैं। यह ट्रेंड ऐसे समय में आया है जब देश की कुल ऊर्जा मांग तेजी से बढ़ रही है।*

राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की बढ़ती मांग

रिपोर्ट बताती है कि भारतीय घरों से कुल बिजली की 25% खपत होती है, और इसमें हर साल 6% की दर से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले एक दशक में, देश की कुल बिजली की खपत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि पीक डिमांड में 79% का इजाफा हुआ है।*

शहरी-ग्रामीण अंतर और एप्लायंस की कहानी

शहरों में बिजली की खपत गांवों से काफी ज्यादा है, खासकर गर्म इलाकों में। सर्वे में यह भी पाया गया कि कई एप्लायंस मॉडल अभी भी एनर्जी-एफिशिएंट नहीं हैं। हालांकि सीलिंग फैन और LED लाइटें हर जगह आम हैं, लेकिन एयर कंडीशनर (AC) केवल 13.3% घरों में मिले, जो शहरी इलाकों में 17% तक पहुँचते हैं, पर गांवों में यह आंकड़ा सिर्फ 4% है।*

भविष्य के अनुमान और सुझाए गए समाधान

विशेषज्ञों का अनुमान है कि कूलिंग एप्लायंसेज की मांग 2037-38 तक आठ गुना तक बढ़ सकती है। किचन एप्लायंसेज बिजली के दूसरे सबसे बड़े कंज्यूमर हैं, जो 28% बिजली खाते हैं। इस बढ़ती खपत को संभालने के लिए, CLASP और BEE एसी और रेफ्रिजरेटर जैसे प्रमुख उपकरणों के लिए और सख्त एनर्जी एफिशिएंसी स्टैंडर्ड्स (ऊर्जा दक्षता मानक) लागू करने पर जोर दे रहे हैं। साथ ही, वे कंज्यूमर को ज़्यादा एनर्जी-सेविंग मॉडल अपनाने के लिए फाइनेंशियल इन्सेंटिव्स (वित्तीय प्रोत्साहन), बल्क परचेजिंग प्रोग्राम्स (सामूहिक खरीद योजनाएं) और कंज्यूमर एजुकेशन (उपभोक्ता जागरूकता) जैसे उपायों की भी सिफारिश कर रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.