India Gems & Jewellery Exports: अमेरिका में भारी गिरावट के बावजूद निर्यात स्थिर, UAE और हांगकांग से मिली बड़ी राहत!

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Gems & Jewellery Exports: अमेरिका में भारी गिरावट के बावजूद निर्यात स्थिर, UAE और हांगकांग से मिली बड़ी राहत!
Overview

भारत का रत्न और आभूषण निर्यात (Gem & Jewellery Exports) अप्रैल-जनवरी 2025-26 के दौरान **$23.19 बिलियन** पर स्थिर रहा, जो डॉलर के लिहाज़ से मामूली **0.64%** की गिरावट दर्शाता है। यह स्थिरता इस बात का सबूत है कि कैसे निर्यातकों ने अमेरिका जैसे महत्वपूर्ण बाज़ार में **45%** की भारी गिरावट के बावजूद, UAE, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से हुई जबरदस्त वृद्धि के दम पर स्थिति संभाली है।

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अमेरिकी मंदी के बीच अनोखी 'स्टेबिलिटी' की कहानी

भारत के रत्न और आभूषण क्षेत्र ने चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में लचीलापन दिखाया है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक, कुल निर्यात $23.19 बिलियन रहा। डॉलर के मुकाबले यह मामूली 0.64% कम है, लेकिन रुपये के लिहाज़ से इसमें 3.57% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो करेंसी के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। ये आंकड़े बताते हैं कि कैसे उद्योग ने केवल एक बाज़ार पर निर्भर रहने के बजाय, अपनी रणनीति बदली और नए बाज़ारों में पैठ बनाई।

अमेरिका की मार और नए बाज़ारों की बहार

इस स्थिरता के पीछे सबसे बड़ा झटका अमेरिका से मिला, जहां निर्यात में 45% की भारी गिरावट आई। ऊंची टैरिफ (Tariffs) और कीमत के अंतर के कारण खासकर डायमंड (Diamond) और महंगी ज्वेलरी (Jewellery) की मांग घटी। लेकिन, कंपनी ने समय रहते यू.ए.ई. (UAE) में 23.7%, हांगकांग (Hong Kong) में 33.5% और ऑस्ट्रेलिया (Australia) व फ्रांस (France) में 36% से ज़्यादा की वृद्धि दर्ज करके इस नुकसान को पूरा कर लिया। बेल्जियम, थाईलैंड और इज़राइल जैसे देशों से भी डबल-डिजिट ग्रोथ (Double-digit growth) मिली।

डायमंड पर दबाव, ज्वेलरी की चमक बरकरार

प्रोडक्ट कैटेगरी के हिसाब से देखें तो कट और पॉलिश किए हुए डायमंड (Cut and polished diamond) के निर्यात में 7.46% की गिरावट आई और यह $9.97 बिलियन रहा। अमेरिका और चीन जैसे बाज़ारों में कमजोर मांग, खरीदारों का सतर्क रवैया और लैब-ग्रोन डायमंड (Lab-grown diamonds - LGDs) से बढ़ती प्रतिस्पर्धा इसके मुख्य कारण रहे।

लैब-ग्रोन डायमंड (LGD) सेगमेंट में भी 9.73% की गिरावट आई और यह $923.62 मिलियन पर आ गया। इसकी वजह ग्लोबल सप्लाई का बढ़ना और कीमतों में भारी गिरावट रही, जिससे इनकी वैल्यू कम हो गई। 2023 में LGDs की थोक कीमतें 58% तक गिरीं, जिसने कंज्यूमर कॉन्फिडेंस (Consumer confidence) को नेचुरल स्टोन्स (Natural stones) की ओर मोड़ दिया।

इसके बिल्कुल उलट, ज्वेलरी सेग्मेंट्स (Jewellery segments) ने ज़बरदस्त मजबूती दिखाई। गोल्ड ज्वेलरी (Gold jewellery) का निर्यात 5.53% बढ़कर $9.71 बिलियन तक पहुंच गया, खासकर स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी (Studded gold jewellery) की मांग बढ़ी। प्लेन गोल्ड ज्वेलरी (Plain gold jewellery) में मामूली बढ़ोतरी हुई। मार्च 2025 तक सोने की कीमत लगभग $2,910.32 प्रति औंस तक पहुंचने के बावजूद, सिल्वर ज्वेलरी (Silver jewellery) के निर्यात में 51.21% का ज़बरदस्त उछाल आया और यह $1.28 बिलियन पर पहुंच गया। इसे 'अफोर्डेबल लक्ज़री' (Affordable luxury) के तौर पर देखा जा रहा है। प्लैटिनम ज्वेलरी (Platinum jewellery) भी 49.09% बढ़कर $215.15 मिलियन तक पहुंची।

आगे की राह: ट्रेड फ्रेमवर्क और उम्मीदें

भारत दुनिया का सबसे बड़ा डायमंड एक्सपोर्टर (Diamond exporter) है, लेकिन वैश्विक बाज़ार के धीमे होने से इसकी पोजिशन पर असर पड़ा है। 2024 में ग्लोबल डायमंड एक्सपोर्ट्स (Global diamond exports) में करीब 28% की कमी आई।

हालांकि, उम्मीद की किरण भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड फ्रेमवर्क (Trade framework) से जगी है। अगर यह लागू होता है, तो इससे ज्वेलरी पर 18% टैरिफ और डायमंड पर जीरो ड्यूटी (Zero duty) का रास्ता खुल सकता है। इससे सालाना $3 बिलियन तक का निर्यात बढ़ सकता है और भारत की कॉम्पिटिटिवनेस (Competitiveness) को सहारा मिल सकता है।

भविष्य की ओर

इंडस्ट्री को उम्मीद है कि 2047 तक रत्न और आभूषण निर्यात को $100 बिलियन तक ले जाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के सुधार और नए बाज़ारों की तलाश जारी रहेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.