मार्च में GST कलेक्शन ने बनाया नया रिकॉर्ड
मार्च महीने में भारत का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन ₹2 लाख करोड़ के पार चला गया। यह पिछले 10 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले साल के इसी महीने की तुलना में इसमें 8.8% की बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में कलेक्शन ₹1.84 लाख करोड़ था, ऐसे में यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत दे रहा है।
रिकॉर्ड से पहले कैसा था कलेक्शन?
इस मार्च की रिकॉर्ड बढ़ोतरी से पहले, जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच GST कलेक्शन ₹1.70 लाख करोड़ से लेकर ₹1.96 लाख करोड़ के बीच रहा था। सरकारी ऐलान के बाद नवंबर में कलेक्शन ₹1.70 लाख करोड़ पर सबसे निचले स्तर पर आ गया था। पिछला रिकॉर्ड अप्रैल 2025 में ₹2.37 लाख करोड़ का था।
इंपोर्ट कलेक्शन का रहा बड़ा हाथ
मार्च के कुल कलेक्शन में से, घरेलू ट्रांजैक्शन्स (Domestic Transactions) से ₹1.46 लाख करोड़ आए, जो पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 5.9% ज्यादा है। लेकिन, आयात (Imports) पर लगे GST से कलेक्शन में 17.8% की जोरदार उछाल आई, जिससे ₹53,861 करोड़ जमा हुए। यही इंपोर्ट-आधारित कलेक्शन इस महीने की कुल वृद्धि का मुख्य कारण बना।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़े
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो, ग्रॉस GST रेवेन्यू कुल ₹22.27 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹20.55 लाख करोड़ से 8.3% ज्यादा है। मार्च में जारी हुए रिफंड (Refunds) 13.8% बढ़कर ₹22,074 करोड़ हो गए। इस तरह, नेट GST रेवेन्यू 8.2% की ग्रोथ के साथ ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंचा।