India Forex Reserves Fall: क्या RBI कर रहा है चाल? जानें पूरी कहानी

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AuthorNeha Patil|Published at:
India Forex Reserves Fall: क्या RBI कर रहा है चाल? जानें पूरी कहानी
Overview

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट दर्ज की गई है। यह **$7.5 अरब** घटकर **$681.4 अरब** पर आ गया है। इस कमी की वजह रुपये को स्थिर रखने के लिए RBI का दखल और सोने की कीमतों में आई गिरावट बताई जा रही है।

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RBI का प्लान: क्या है इस गिरावट की असल वजह?

विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस कमी को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। RBI, बढ़ते डॉलर और विदेशी बाजारों से पैसे की निकासी (Outflows) के दबाव के बीच भारतीय रुपये को गिरने से बचाने के लिए विदेशी मुद्रा की बिकवाली कर रहा है। सीधे शब्दों में कहें तो, RBI बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ाकर रुपये को गिरने से रोक रहा है, ताकि महंगाई न बढ़े।

सोने का खेल और डॉलर का वार

इस गिरावट की एक और बड़ी वजह है सोने के दामों में उतार-चढ़ाव। RBI अपने भंडार में रखे सोने के मूल्य का आकलन हर हफ्ते करता है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो डॉलर के टर्म्स में सोने का मूल्य घट जाता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ, जिससे सोने की वैल्यू में $4.53 अरब की कमी आई। यानी, एक तरफ RBI रुपये को बचाने के लिए डॉलर बेच रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके पास रखे सोने की कीमत भी घट रही है।

क्या हैं खतरे के संकेत?

लगातार दो हफ्तों में विदेशी मुद्रा भंडार में $15 अरब से ज्यादा की कमी चिंता का विषय है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या RBI अपनी मौजूदा रणनीति पर कायम रह पाएगा? अगर भंडार इसी रफ्तार से घटता रहा, तो RBI को रुपये की स्थिरता और ब्याज दरों के बीच किसी एक को चुनना पड़ सकता है। SDRs (Special Drawing Rights) और IMF रिजर्व पोजीशन में भी थोड़ी कमी आई है, जो यह बताता है कि मुश्किल हालात के लिए RBI के पास अब कम गुंजाइश बची है।

आगे क्या उम्मीद करें?

विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी 11 महीने के आयात को कवर करने के लिए काफी है। हालांकि, भंडार में कमी की रफ्तार पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। RBI संभवतः बाजार में अस्थिरता को कम करने के लिए अपनी दखलंदाजी जारी रखेगा। अगर भंडार में और तेज गिरावट आती है, तो RBI घरेलू ब्याज दरों को और सख्त कर सकता है। बाजार अब इस बात का इंतजार कर रहा है कि क्या रुपया बिना किसी बड़े बदलाव के स्थिर हो पाएगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.