STT में कितनी हुई बढ़ोतरी और इसका खर्च?
यूनियन बजट 2026-27 में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य खासकर डेरिवेटिव्स (Derivatives) मार्केट में सट्टा ट्रेडिंग (Speculative Trading) को नियंत्रित करना है।
अब फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स (Futures Contracts) के लिए STT की दर दोगुनी से ज़्यादा बढ़कर 150% की बढ़ोतरी के साथ 0.05% हो गई है, जो पहले 0.02% थी। वहीं, ऑप्शन्स प्रीमियम (Options Premiums) पर 0.15% का टैक्स लगेगा, जो पहले 0.1% था।
इन बदलावों का सीधा असर एक्टिव ट्रेडर्स (Active Traders) की कमाई पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, ₹10 लाख के एक फ्यूचर्स ट्रेड पर अब ₹500 STT देना होगा, जो पहले ₹200 था। रोज़ाना कई ऐसे ट्रेड करने वाले ट्रेडर्स के खर्च में अकेले ₹3,000 प्रतिदिन की बढ़ोतरी हो सकती है। इसी तरह, ऑप्शन्स ट्रेड्स पर बढ़े हुए खर्च से प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) और कम हो जाएंगे।