भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा
वर्ल्ड बैंक ने साफ कर दिया है कि India की इकोनॉमी वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में 6.6% की दर से तरक्की कर सकती है। यह अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा मजबूती और सरकार की सहायक नीतियों (Supportive Policies) को दर्शाता है, जिसमें मजबूत घरेलू मांग का बड़ा योगदान है।
भू-राजनीतिक तनाव और तेल का बढ़ता संकट
लेकिन, इस उम्मीदों भरे परिदृश्य के सामने पश्चिम एशिया (West Asia) का भू-राजनीतिक माहौल एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच छाई नाजुक शांति (Fragile Ceasefire) ने फिलहाल कुछ राहत दी है, लेकिन सप्लाई से जुड़ी चिंताएं अब भी बनी हुई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने क्षेत्रीय तनाव के बीच एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है। यह रास्ता ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट' (Chokepoint) है।
तेल की कीमतें और रुपये पर असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आई रुकावट से ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $96.91 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। यह कीमत गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) के $90 के दूसरे तिमाही अनुमान से ऊपर है। अगर होर्मुज से सप्लाई बाधित रहती है, तो तेल की कीमतें $100 तक भी जा सकती हैं। इसका सीधा असर भारत की इम्पोर्ट कॉस्ट (Import Cost) पर पड़ेगा और महंगाई (Inflation) बढ़ सकती है।
इस स्थिति का असर भारतीय रुपये (Indian Rupee) पर भी दिख रहा है। पिछले एक महीने में रुपया 0.64% कमजोर होकर 92.5640 के स्तर पर आ गया है। यह गिरावट इम्पोर्ट बिल को और बढ़ाएगी और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।
ऑटो और पावर सेक्टर का मिला-जुला हाल
कॉर्पोरेट जगत की बात करें तो ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। BofA सिक्योरिटीज ने Bajaj Auto को 'Buy' रेटिंग दी है, लेकिन एनालिस्ट्स की राय थोड़ी सतर्क है। Bajaj Auto का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 28.5-29.8 है, जो इसके साथियों के औसत P/E 21.89 से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि स्टॉक महंगी वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, Maruti Suzuki का P/E करीब 26.3 और Tata Motors का 25.47 है। कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और घटती मांग इस सेक्टर के लिए हेडविंड (Headwind) बन सकती है।
इसके विपरीत, पावर सेक्टर (Power Sector) में जबरदस्त तेजी का अनुमान है। जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने इस सेक्टर पर 'ओवरवेट' (Overweight) रेटिंग दी है और कहा है कि रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के विस्तार से यह दशक इस सेक्टर के लिए 'डेकेडल अपसाइकल' (Decadal Upcycle) लेकर आएगा। जेपी मॉर्गन ने Hitachi Energy India पर ₹29,000 और Siemens Energy India पर ₹2,600 का टारगेट प्राइस दिया है। Tata Power (P/E ~24.55) और Adani Power (P/E ~26.32) जैसे स्टॉक्स में भी ग्रोथ की उम्मीद है। NTPC और Power Grid Corporation जैसे स्टॉक्स स्टेबिलिटी और डिविडेंड (Dividend) दे सकते हैं। देश में बिजली की बढ़ती मांग इस सेक्टर के लिए एक बड़ी वजह है।
कुल मिलाकर, भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ना अच्छी खबर है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पर पैनी नजर रखनी होगी। यही चीजें 2026 तक भारतीय इकोनॉमी की स्थिरता तय करेंगी।