India Inc Earnings: IT और Banks पर 'Pressure', Reliance का कैसा रहा हाल?

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Inc Earnings: IT और Banks पर 'Pressure', Reliance का कैसा रहा हाल?
Overview

इंडिया इंक (India Inc) के लिए Q4 FY26 अर्निंग्स सीजन शुरू हो गया है, जिसमें IT दिग्गज Infosys और HCL Technologies, बैंक Axis Bank और एनर्जी कंपनी Reliance Industries जैसे बड़े नामों पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं। आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, निवेशक रेवेन्यू ग्रोथ, प्रॉफिट मार्जिन और भविष्य के गाइडेंस पर स्पष्टता की उम्मीद कर रहे हैं। IT सेक्टर AI को इंटीग्रेट करने की चुनौती का सामना कर रहा है, वहीं बैंक क्रेडिट ग्रोथ और मार्जिन प्रेशर को बैलेंस कर रहे हैं।

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IT सेक्टर पर AI का असर और डिमांड का दबाव

IT कंपनियों जैसे Infosys और HCL Technologies के लिए यह तिमाही अहम है। वे AI को अपनाने, अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने और वैश्विक मांग में संभावित बदलावों से निपटने की कोशिश कर रही हैं।

Infosys के शेयर 2025 में अब तक 25% गिर चुके हैं और 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं। विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी का FY27 गाइडेंस कांस्टेंट करेंसी (constant currency) में 6% से ऊपर रह सकता है। पिछले नतीजों में, बेहतर कमाई (earnings beats) से शेयर 10% तक बढ़े थे, जबकि कमजोर गाइडेंस से गिरावट आई थी। Infosys ने FY26 के लिए कांस्टेंट करेंसी में 0-3% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है, जो एक सतर्क रुख दर्शाता है।

HCL Technologies, जो फिलहाल FY27 की अनुमानित कमाई के करीब 17 गुना पर ट्रेड कर रहा है, Q4 FY25 नतीजों के बाद 6.8% बढ़ा था। बाजार का फोकस IT सर्विसेज सेगमेंट के FY27 गाइडेंस पर रहेगा, जो 3% से 5% के बीच रहने की उम्मीद है। FY25 में HCL Tech का ऑपरेटिंग मार्जिन 18.3% था, जिसमें कमजोर रुपये का भी योगदान रहा। Infosys (जो FY27 की कमाई के करीब 20 गुना पर ट्रेड कर रहा है) की तुलना में HCL Tech सस्ता दिख रहा है। हालांकि, दोनों ही कंपनियां, बड़े IT सेक्टर की तरह, डिमांड में संभावित नरमी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का सामना कर रही हैं।

Tech Mahindra को हाल ही में कम्युनिकेशन और हाई-टेक डिवीजनों में कमजोरी के कारण रेवेन्यू टारगेट पूरा करने में दिक्कत हुई, जिसके बाद इसके शेयर 5% गिरे और 2025 में YTD 17% नीचे आ गए।

बैंकिंग सेक्टर: एसेट क्वालिटी सुधरी, पर मार्जिन पर दबाव

Axis Bank ने Q4 FY25 में नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट दर्ज की, लेकिन उसके ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) घटकर 1.28% हो गए। बेहतर एसेट क्वालिटी और 6-8% के अनुमानित टोटल इनकम ग्रोथ के बावजूद, नतीजों के बाद बैंक के शेयर 4% से अधिक गिरे। निवेशक बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर ध्यान दे रहे हैं, जिनके स्थिर रहने की उम्मीद है लेकिन उन पर दबाव बन सकता है।

कुल मिलाकर, भारत की बैंकिंग प्रणाली मजबूत बनी हुई है, जिसमें कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CRAR) 17% से ऊपर और मार्च 2026 के मध्य तक 13.8% की लोन ग्रोथ देखी गई है। हालांकि, क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ के बीच का अंतर बढ़ रहा है, जिससे सेक्टर में मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है।

Reliance Industries: ग्रोथ आउटलुक और नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स

Reliance Industries ने Q4 FY25 में ₹2,64,573 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹22,434 करोड़ का 6% साल-दर-साल प्रॉफिट बढ़ाया है। कंपनी ने ₹5.5 प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है। बाजार की नजरें उसके नए एनर्जी इनिशिएटिव्स और डिजिटल व रिटेल व्यवसायों के प्रदर्शन पर हैं।

आगे क्या?

IT कंपनियों के FY27 गाइडेंस महत्वपूर्ण होंगे, JM Financial को Infosys के लिए 2-4% की उम्मीद है। बैंक स्थिर क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन मार्जिन में नरमी की आशंका है। Reliance का भविष्य ग्रोथ उसके नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर निर्भर करेगा। वर्तमान आर्थिक माहौल में आगे बढ़ने के लिए कंपनियों को मजबूत एग्जीक्यूशन और स्पष्ट गाइडेंस दिखाना होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.