कस्टम ड्यूटी कलेक्शन का आधुनिकीकरण
India के ICEGATE ई-पेमेंट प्लेटफॉर्म ने एक 'पेमेंट एग्रीगेटर' (Payment Aggregator) सुविधा लॉन्च की है, जिससे कस्टम ड्यूटी कलेक्शन के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। अब बिज़नेस सीधे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके ड्यूटी का भुगतान कर सकते हैं। इस अपग्रेड से डायरेक्ट बैंक इंटीग्रेशन 23 से बढ़कर 41 हो गए हैं, जिससे इम्पोर्टर और एक्सपोर्टर को एक बड़ा और ज़्यादा सुलभ पेमेंट सिस्टम मिला है।
व्यापार में आसानी और रेवेन्यू बूस्ट
यह कदम 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) रैंकिंग को बेहतर बनाने के भारत के प्रयासों को दर्शाता है। UPI जैसी लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट मेथड को स्वीकार करके, जो भारत के 81% डिजिटल ट्रांजैक्शन को संभालता है, CBIC एक बड़े पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़ गया है। पहले UPI को अपनाने से ट्रेड वॉल्यूम में 11% की बढ़ोतरी और कस्टम ड्यूटी कलेक्शन में इजाफा देखा गया था। उम्मीद है कि यह नया फीचर रेवेन्यू कलेक्शन को और तेज करेगा।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम के जोखिम
हालांकि, डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर बढ़ती निर्भरता के अपने खतरे भी हैं। ICEGATE प्लेटफॉर्म या इसके पेमेंट एग्रीगेटर पर सिस्टम आउटेज (System Outage) या साइबर अटैक (Cyber Attack) होने से ट्रेड में बड़ा व्यवधान आ सकता है, जिससे सप्लाई चेन और रेवेन्यू पर असर पड़ेगा। विभिन्न बैंकों और पेमेंट मेथड को इंटीग्रेट करना ऑपरेशनल और सुरक्षा की जटिल चुनौतियाँ पैदा करता है, जिनसे निपटने के लिए मज़बूत निगरानी की ज़रूरत है।