अप्रैल में कोर सेक्टर्स का दमदार प्रदर्शन
अप्रैल महीने में भारत के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। आउटपुट ग्रोथ बढ़कर 1.7% पर पहुंच गई, जो मार्च के 1.2% और पिछले साल अप्रैल के 1% के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। इस उछाल का मुख्य श्रेय स्टील, सीमेंट और बिजली उत्पादन में आई जोरदार तेजी को जाता है।
प्रमुख सेक्टर्स का हाल
- स्टील (Steel): उत्पादन में 6.2% का इजाफा हुआ।
- सीमेंट (Cement): उत्पादन में शानदार 9.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- बिजली (Power): उत्पादन 4.1% बढ़ा।
ये तीनों सेक्टर्स ही इस पॉजिटिव ग्रोथ के पीछे के मुख्य कारण रहे।
गिरावट वाले सेक्टर्स
हालांकि, इस अच्छी खबर के साथ कुछ चिंताजनक आंकड़े भी सामने आए हैं। कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर (खाद) जैसे अहम सेक्टर्स में उत्पादन में गिरावट देखी गई। यह मिली-जुली तस्वीर दिखाती है कि जहां कुछ सेक्टर वापसी कर रहे हैं, वहीं कुछ अभी भी दबाव में हैं।
आगे क्या?
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (India Ratings & Research) की डायरेक्टर - इकोनॉमिक्स, मेघा अरोड़ा ने कहा है कि कोर सेक्टर्स के इस बेहतर प्रदर्शन से इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) में करीब 5% की ग्रोथ देखने को मिल सकती है, क्योंकि कोर सेक्टर्स IIP का 40.27% हिस्सा हैं।
अरोड़ा का अनुमान है कि मई महीने में भी यह रिकवरी जारी रह सकती है और बेस इफेक्ट (base effect) के कम रहने और फर्टिलाइजर उत्पादन में सुधार की उम्मीद से ग्रोथ लगभग 3% रह सकती है। वहीं, ICRA Ltd. के सीनियर इकोनॉमिस्ट राहुल अग्रवाल ने संकेत दिया कि आठ में से पांच सेक्टर्स (स्टील, सीमेंट और बिजली को छोड़कर) में एक साथ उत्पादन में आई गिरावट पश्चिम एशिया संकट का असर भी दिखा सकती है।
