India और Canada ने नई दिल्ली में कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के दूसरे दौर की बातचीत समाप्त की है। यह बातचीत 4 से 8 मई, 2026 तक चली और मार्च में तय हुई शर्तों को दोहराया गया। दोनों देशों ने एक महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसका लक्ष्य 2026 के अंत तक पूरा हो सकता है। अगली बैठक जुलाई 2026 में ओटावा में होगी।
इस समझौते का मुख्य मकसद 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर $50 बिलियन तक पहुंचाना है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, कुल व्यापार $8.66 बिलियन था, जिसमें India ने $4.22 बिलियन का निर्यात किया और $4.44 बिलियन का आयात किया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, 2024 में यह व्यापार CAD 30.9 बिलियन तक पहुंचा, लेकिन यह लक्ष्य से काफी कम है। India के प्रमुख निर्यात में फार्मास्यूटिकल्स, लोहा और स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल्स शामिल हैं। वहीं, मुख्य आयात दालें, फर्टिलाइजर्स और कीमती पत्थर हैं। सेवाओं का व्यापार, खासकर शिक्षा और IT सेक्टर में, भी महत्वपूर्ण है, हालांकि इसमें नीतिगत बदलाव का असर पड़ सकता है। Canada में लगभग 20 लाख की भारतीय आबादी और 4.25 लाख से अधिक भारतीय छात्र दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करते हैं। Canada India को अपनी इंडो-पैसिफिक रणनीति का अहम हिस्सा मानता है और इसके ज़रिए वह अमेरिका पर अपनी व्यापारिक निर्भरता कम करना चाहता है। ट्रेड पैक्ट के तहत क्रिटिकल मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, डिफेंस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी विकास की काफी गुंजाइश है।
हालांकि, इस CEPA की राह आसान नहीं है। 2023 में दोनों देशों के बीच गहरे कूटनीतिक तनाव के कारण बातचीत रुकी थी, जो दिखाता है कि राजनीतिक मुद्दे आर्थिक संबंधों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। Canada की एक बड़ी चिंता व्यापार असंतुलन है, जिसमें India का व्यापार अधिशेष (surplus) रहता है। India के बढ़ते सेक्टरों में अलग-अलग टैरिफ (tariffs) के कारण Canadian एक्सपोर्टर्स को नुकसान हो सकता है और वे मार्केट शेयर खो सकते हैं। Canada के डेयरी, पोल्ट्री और अंडे जैसे संरक्षित उद्योग शायद ही खुले बाजार का लाभ उठा पाएं। लेबर मोबिलिटी (Labour mobility) और कृषि जैसे मुद्दे भी संवेदनशील बने हुए हैं। विश्लेषक (Analysts) किसी 'सब कुछ या कुछ नहीं' वाले रवैये के बजाय, एक व्यावहारिक और चरणबद्ध (phased) समझौते की सलाह दे रहे हैं।
एक व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार और Canadian GDP को बढ़ा सकता है। अनुमान है कि 2035 तक CAD 8.8 बिलियन का अतिरिक्त व्यापार और CAD 5.1-8 बिलियन तक GDP में बढ़ोतरी हो सकती है। 2030 तक $50 बिलियन का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है और इसके लिए लगातार सालाना ग्रोथ की जरूरत होगी। हालांकि बातचीत में प्रगति दिख रही है, लेकिन राष्ट्रीय हितों, खासकर संवेदनशील सेक्टरों और बाजार पहुंच (market access) पर सहमति बनाना लंबी बातचीत का संकेत देता है। सफलता के लिए इन मुद्दों को व्यावहारिक रूप से सुलझाना होगा, शायद शुरुआती सफलताओं के लिए चरणबद्ध दृष्टिकोण अपनाकर।
