###NRI कैपिटल इनफ्लो बढ़ाने की तैयारी
फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए पेश किए गए यूनियन बजट में भारत सरकार अपनी वैश्विक डायस्पोरा (Diaspora) यानी विदेशों में बसे भारतीयों से पूंजी जुटाने पर ज़ोर दे रही है। ख़ासकर UAE में रह रहे भारतीयों के लिए यह बजट एक बड़ी सौगात लेकर आया है। इन उपायों का मकसद भारत की आर्थिक ग्रोथ को रफ्तार देना है। जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) का अनुमान 6.8% से 7.2% के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भी अपने एक favorevole US ट्रेड एग्रीमेंट के बाद 2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.9% कर दिया है।
इक्विटी में अब दोगुना निवेश संभव
नए बजट प्रस्तावों के अनुसार, विदेशों में रहने वाले भारतीयों (PROIs) के लिए लिस्टेड भारतीय कंपनियों में सीधे निवेश की लिमिट दोगुनी कर दी गई है। अब ये 10% तक का स्टेक खरीद सकते हैं, जो पहले 10% थी। वहीं, सभी PROIs के लिए कुल निवेश की सीमा 24% कर दी गई है, जो पहले 10% थी। इससे एनआरआई (NRI) निवेशकों को डायरेक्ट फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर (FPI) रूट में जाए बिना बड़ा निवेश करने का मौका मिलेगा। यह तब और अहम हो जाता है जब निफ्टी 50 (Nifty 50) इंडेक्स का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो करीब 21.8 और ओवरऑल भारतीय शेयर बाजार का P/E रेश्यो लगभग 24.31 के आसपास है। भारत में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) पिछले साल की तुलना में 15% बढ़कर $18.62 बिलियन (Q1 FY 2025-26) हो गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
प्रॉपर्टी और रेमिटेंस हुए और आसान
एनआरआई (NRI) के लिए प्रॉपर्टी के लेन-देन को भी सरकार ने काफी सरल बना दिया है। अब जब कोई भारतीय निवासी (Resident Buyer) एनआरआई (NRI) से प्रॉपर्टी खरीदेगा, तो उसे टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) अकाउंट नंबर (TAN) लेने की ज़रूरत नहीं होगी। इसके बजाय, खरीदार के पैन (PAN) का इस्तेमाल टीडीएस (TDS) अनुपालन के लिए किया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे देश के भीतर होने वाले लेन-देन में होता है। इससे खरीदारों के लिए प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। इसके अलावा, विदेश में शिक्षा, मेडिकल खर्चों और टूर पैकेज के लिए पैसे भेजने पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को भी काफी कम कर दिया गया है। अब शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस (Remittance) पर TCS की दर सिर्फ 2% है, जबकि पहले यह ज़्यादा थी। टूर पैकेज पर भी TCS की दर 5-20% से घटाकर 2% कर दी गई है। इससे UAE जैसे देशों में रहने वाले भारतीयों को अपने परिवार के खर्चों, बच्चों की पढ़ाई या यात्राओं के लिए पैसे भेजना अब काफी सस्ता हो जाएगा।
डायस्पोरा के साथ मजबूत जुड़ाव
यह बजट भारत की डायस्पोरा कैपिटल (Diaspora Capital) को देश के विकास में शामिल करने की एक सोची-समझी रणनीति को दर्शाता है। UAE, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, इस योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत और UAE के बीच द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) FY 2024–25 में $100.05 बिलियन तक पहुंच गया था। UAE, भारत में सातवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक (Investor) है, जिसका कुल एफडीआई (FDI) मार्च 2025 तक लगभग $22.84 बिलियन रहा है। इन नई नीतियों से उम्मीद है कि भारत, अपने वैश्विक नागरिकों के लिए एक आकर्षक निवेश डेस्टिनेशन बना रहेगा और उन्हें देश की आर्थिक तरक्की से और गहराई से जोड़ेगा। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि MSCI India के लिए 2025 और 2026 में कमाई (Earnings) 13% और 16% रहने की उम्मीद है, जो निवेश के लिए एक सकारात्मक संकेत है।