अमेरिकी कंपनियों के लिए खुला बाज़ार
नई दिल्ली के यूनियन बजट 2026-27 में चुपके से ऐसे टैरिफ कंसेशंस (tariff concessions) लाए गए हैं, जिनसे अमेरिकी एक्सपोर्ट्स (U.S. exports) को तगड़ा बूस्ट मिलने की संभावना है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के नए विश्लेषण से पता चलता है कि ये छूट सीधे उन सेक्टरों के लिए हैं जिनमें अमेरिकी कंपनियां अपना लोहा मनवाती हैं। इससे कई अहम इंडस्ट्रीज में मार्केट एक्सेस (market access) बेहतर हो सकता है।
एविएशन और न्यूक्लियर पावर को फायदा
सिविल और डिफेंस एविएशन (civil and defense aviation) के क्षेत्र में, भारत ने जरूरी एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स (aircraft components) और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) इनपुट्स पर ड्यूटी खत्म कर दी है। इस फैसले से अमेरिकी एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरर्स (U.S. aerospace manufacturers) और उनके इंजन व मेंटेनेंस सप्लायर्स को सीधा लाभ होगा। इसी तरह, बजट में अमेरिकी न्यूक्लियर इक्विपमेंट (U.S. nuclear equipment) बनाने वाली कंपनियों के लिए 2035 तक न्यूक्लियर-जेनरेशन इक्विपमेंट (nuclear-generation equipment) और प्रोजेक्ट इम्पोर्ट्स (project imports) पर जीरो कस्टम ड्यूटी (zero customs duty) तय करके लंबी अवधि की निश्चितता प्रदान की गई है।
क्लीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स को बूस्ट
अमेरिकी क्लीन एनर्जी (clean energy), क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट्स (electronics exports) के लिए भी रास्ते आसान हो रहे हैं। लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग (lithium-ion cell manufacturing) के लिए कैपिटल गुड्स (capital goods) और सोलर ग्लास प्रोडक्शन (solar glass production) के लिए सोडियम एंटीमोनेट (sodium antimonate) जैसे खास मैटेरियल्स के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट (duty-free imports) से एडवांस मशीनरी (advanced machinery) और कंपोनेंट्स के अमेरिकी सप्लायर्स की लागत कम होने वाली है।
हेल्थकेयर सेक्टर को राहत
हेल्थकेयर सेक्टर (healthcare sector) में भी बड़ी राहत मिली है। कुछ हाई-वैल्यू कैंसर ड्रग्स (high-value cancer drugs), दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों (rare-disease medicines) और एक्स-रे ट्यूब्स (X-ray tubes) व फ्लैट-पैनल डिटेक्टर्स (flat-panel detectors) जैसे जरूरी मेडिकल डिवाइस कंपोनेंट्स (medical device components) पर जीरो ड्यूटी (zero duty) लागू की गई है। इस पॉलिसी बदलाव से अमेरिकी फार्मा (U.S. pharmaceutical) और मेडिकल टेक्नोलॉजी एक्सपोर्टर्स (medical technology exporters) के लिए मार्केट एक्सेस (market access) आसान होने की उम्मीद है।
रणनीतिक व्यापारिक तालमेल
GTRI के फाउंडर (founder) अजय श्रीवास्तव का कहना है कि ये मिले-जुले बदलाव 'भारत को कैपिटल-इंटेंसिव, टेक्नोलॉजी-लेड एक्सपोर्ट्स (capital-intensive, technology-led exports) में चुपके से मदद करते हैं।' यह 2025-26 के बजट में हुई ऐसी ही पहलों का हिस्सा है, जिसमें हाई-वैल्यू मोटरसाइकिल (high-value motorcycles) और सैटेलाइट ग्राउंड इंस्टॉलेशन (satellite ground installations) के कंपोनेंट्स पर टैरिफ में कमी शामिल थी। यह सब खास अमेरिकी इम्पोर्ट्स (U.S. imports) को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक अलाइनमेंट (strategic alignment) का संकेत देता है।
