Union Budget 2026: इंफ्रा पर बंपर खर्च, पर इंडस्ट्री की उठी मांगें?

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Union Budget 2026: इंफ्रा पर बंपर खर्च, पर इंडस्ट्री की उठी मांगें?
Overview

Union Budget 2026 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) में भारी बढ़ोतरी की है, जिसे बढ़ाकर **₹12.2 लाख करोड़** कर दिया गया है। हालांकि, टैक्स में सरलीकरण, अफोर्डेबल हाउसिंग और PLI स्कीम्स जैसे मुद्दों पर इंडस्ट्री के कुछ वर्गों ने निराशा जताई है।

बजट 2026: कैपिटल एक्सपेंडिचर पर बड़ा दांव

Union Budget 2026 ने साफ कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकता इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित ग्रोथ है। वित्त मंत्री ने वितीय वर्ष 2026-27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को 11.5% बढ़ाकर रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है। यह देश की जीडीपी का 4.4% है। इस भारी-भरकम आवंटन का मकसद प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देना और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को मजबूत करना है। सरकार फिस्कल डेफिसिट को भी 4.3% तक लाने का लक्ष्य रख रही है।

इंडस्ट्री की उम्मीदें पूरी नहीं?

हालांकि, सरकार के इस बड़े कदम के बावजूद, इंडस्ट्री के कई लीडर्स को कुछ क्षेत्रों में निराशा हुई है। Confederation of Indian Industry (CII) ने स्टेट-लेवल रिफॉर्म्स को और ज्यादा बढ़ावा देने के मौके को चूकने की बात कही है। वहीं, Blue Star के मैनेजिंग डायरेक्टर B. Thiagarajan ने कहा कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेन्टिव (PLI) स्कीम को, खासकर जरूरी कंपोनेंट्स के लिए, और ताकतवर बनाने की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। ऐसा लग रहा है कि सरकार का फोकस अब PLI-आधारित सपोर्ट से थोड़ा हट रहा है।

MSME और अफोर्डेबल हाउसिंग को झटका?

माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर ने भी चिंताएं जताई हैं। Frontier Technologies Pvt Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक सहगल ने कहा कि बैंक इंटरेस्ट रेट्स और सब्वेंशन को लेकर कोई खास ऐलान नहीं हुआ, जिससे बड़ी कंपनियों और छोटी कंपनियों के बीच की खाई को पाटा जा सके। साथ ही, टेक्निकल सपोर्ट को बढ़ाने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया गया।

अफSIBLE हाउसिंग सेक्टर भी निराश दिखा। CBRE India के चेयरमैन और CEO अंशुमान मैगजीन के मुताबिक, बजट में डेवलपर्स और खरीदारों दोनों के लिए कोई नए इंसेन्टिव नहीं दिए गए। CREDAI जैसे इंडस्ट्री बॉडीज ने भी कहा है कि अफोर्डेबल हाउसिंग की पुरानी परिभाषा और सीधे सपोर्ट की कमी के चलते नए हाउसिंग लॉन्च में इसका हिस्सा और कम हो सकता है।

कंपनियों का मिला-जुला रिएक्शन

इस बीच, कुछ कंपनियों के नतीजे और भविष्य की योजनाएं भी सामने आई हैं। HVAC सेक्टर की प्रमुख कंपनी Blue Star का Q3 FY26 में नेट प्रॉफिट 39.2% गिरकर ₹80.66 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹56.35 करोड़ का एक बड़ा एक्सेप्शनल चार्ज नए लेबर कोड्स से जुड़ा होने की बात कही, जिसने 4.2% रेवेन्यू ग्रोथ (₹2,925.31 करोड़) को भी फीका कर दिया।

वहीं, Rasna Pvt Ltd के चेयरमैन, पिरुज खंबाटा, टैक्स सरलीकरण जैसे बजट के सकारात्मक पहलुओं की तारीफ करते हुए, कंपनी के FY26 में 30% ग्रोथ के टारगेट पर कायम हैं। RP-Sanjiv Goenka Group के वाइस चेयरमैन शशांक गोयनका ने बजट के होलिस्टिक अप्रोच का समर्थन किया है और ग्रुप रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा निवेश कर रहा है।

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