IMF ने बढ़ाया भारत का आर्थिक विकास का अनुमान
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के लिए अपने GDP ग्रोथ के अनुमान में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की है। IMF ने अब वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान जताया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, जो भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
ग्रोथ में तेजी के पीछे बड़े कारण
IMF के इस अनुमान को बढ़ाने की मुख्य वजह भारत की मजबूत घरेलू मांग (Domestic Demand) रही है। इसके अलावा, अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ (Tariffs) में की गई कटौती एक बड़ा उत्प्रेरक साबित हुई है। पहले जहां ये टैरिफ 50% तक थे, उन्हें घटाकर 10% कर दिया गया है। इस फैसले से भारतीय एक्सपोर्ट्स (Exports) को बढ़ावा मिला है और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों, जैसे मध्य पूर्व संघर्ष (Middle East conflict) से उत्पन्न आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिली है।
क्षेत्रीय मंदी के बीच भारत की अलग चमक
भारत का यह मजबूत ग्रोथ आउटलुक (Growth Outlook) बाकी उभरते एशियाई देशों के मुकाबले काफी अलग है। IMF का अनुमान है कि अगले दो वर्षों में उभरते एशिया (Emerging Asia) में ग्रोथ धीमी रहेगी, और दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया (South and Southeast Asia) के कई देशों में घरेलू मांग कमजोर पड़ने की आशंका है। इन क्षेत्रीय चुनौतियों के चलते कई देशों के लिए ग्रोथ के अनुमानों में कटौती की गई है।
वैश्विक जोखिमों के बावजूद स्थिर राह
IMF के अनुसार, भारत की ग्रोथ 2027 में 6.5% पर स्थिर रहने की उम्मीद है, जो एक मजबूत और निरंतर गति को दिखाता है। हालांकि, IMF ने आगाह किया है कि वैश्विक माहौल अभी भी अनिश्चित है। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और ऊर्जा कीमतों से जुड़े जोखिम भविष्य की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं, भले ही भारत का घरेलू प्रदर्शन मजबूत और लचीला बना रहे।