गुजरात ने अपनी मजबूत वित्तीय अनुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर Niti Aayog के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य का फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) GSDP का मात्र **2.81%** रहा और FY24 में **$7.3 बिलियन** का FDI आकर्षित किया। यह रैंकिंग बिजनेसेज के लिए गुजरात के कॉम्पिटिटिव एज को दर्शाती है, जहां बिजली की लागत और पोर्ट ऑपरेशंस राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर हैं।
वित्तीय सेहत और आर्थिक विकास
Niti Aayog द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) में गुजरात सबसे आगे निकल गया है। यह रैंकिंग राज्यों को उनके आर्थिक माहौल, पॉलिसी की स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट के आधार पर मापती है, ताकि निवेशकों और नीति निर्माताओं को यह स्पष्ट तस्वीर मिल सके कि व्यवसाय के लिए सबसे अनुकूल स्थितियां कहां हैं।
गुजरात की टॉप पोजिशन के पीछे एक बड़ा कारण उसका अनुशासित वित्तीय प्रबंधन है। फाइनेंशियल ईयर 2024 के लिए राज्य का फिस्कल डेफिसिट 2.81% रहा, जो प्रमुख भारतीय राज्यों में सबसे कम में से एक है। वित्तीय सेहत का यह इंडिकेटर बताता है कि राज्य सरकार अपने कर्ज और ब्याज देनदारियों को प्रभावी ढंग से संभाल रही है, जिससे लंबी अवधि की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए एक स्थिर माहौल मिलता है। 2019 से 2024 के बीच, राज्य ने पेट्रोलियम रिफाइनिंग, केमिकल्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर्स के सपोर्ट से लगातार ग्रोथ बनाए रखी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल फायदे
रिपोर्ट में उन स्पेसिफिक ऑपरेशनल फायदों पर जोर दिया गया है जो गुजरात को व्यवसायों के लिए आकर्षक बनाते हैं। पोर्ट की एफिशिएंसी एक बड़ा पॉइंट है, जहां राज्य के पोर्ट्स देश में सबसे तेज टर्नअराउंड टाइम में से कुछ दिखाते हैं। मैन्युफैक्चरर्स और इंडस्ट्रियल प्लेयर्स के लिए, एनर्जी कॉस्ट एक महत्वपूर्ण इनपुट है; इंडेक्स में पाया गया कि गुजरात में इंडस्ट्रियल यूजर्स के लिए पावर कॉस्ट राष्ट्रीय औसत से लगभग 29% कम है। यह फायदा कुशल पावर ट्रांसमिशन और कम डिस्ट्रीब्यूशन लॉस से जुड़ा है, जिसका सीधा असर राज्य में ऑपरेट करने वाली एनर्जी-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ता है।
निवेशक का नजरिया और भविष्य की निगरानी
फाइनेंशियल ईयर 2024 के दौरान $7.3 बिलियन का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) आकर्षित करने की राज्य की क्षमता ग्लोबल और डोमेस्टिक प्लेयर्स की निरंतर रुचि को दर्शाती है। वर्तमान रैंकिंग से परे, राज्य सरकार ने इंडस्ट्रियल इंसेटिव्स के लिए अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया है, जिसे बिजनेस क्लाइमेट को कॉम्पिटिटिव बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है। रीजनल ग्रोथ को देख रहे निवेशकों और कंपनियों के लिए, मुख्य फैक्टर यह ट्रैक करना होगा कि क्या राज्य अपनी इंडस्ट्रियल क्षमता को और बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर एफिशिएंसी के इस स्तर को बनाए रख सकता है। हालांकि इंडेक्स वर्तमान सेंटीमेंट के लिए एक मजबूत बेंचमार्क का काम करता है, निवेशकों को लैंड एक्विजिशन पॉलिसीज, रीजनल पॉलिसी में बदलाव और पावर सेक्टर सब्सिडी में संभावित बदलावों पर भी नजर रखनी चाहिए जो क्षेत्र में वर्तमान में उद्योगों को मिलने वाले कॉस्ट एडवांटेज को बदल सकते हैं।
