NITI Aayog की नई रिपोर्ट: निवेश के मामले में गुजरात और महाराष्ट्र सबसे आगे!

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AuthorNeha Patil|Published at:
NITI Aayog की नई रिपोर्ट: निवेश के मामले में गुजरात और महाराष्ट्र सबसे आगे!

NITI Aayog ने भारत के राज्यों के लिए पहली बार 'निवेश मित्रता सूचकांक' (Investment Friendliness Index) जारी किया है। इसमें गुजरात और महाराष्ट्र ने बाजी मारी है, जो बिजनेस, पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में सबसे बेहतर पाए गए हैं। यह इंडेक्स निवेशकों को यह समझने में मदद करेगा कि कौन से राज्य प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करने में आगे हैं।

'निवेश मित्रता सूचकांक' क्या है?

NITI Aayog ने भारत के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पहली बार 'निवेश मित्रता सूचकांक' जारी किया है। शुक्रवार को जारी हुई इस रिपोर्ट में राज्यों का मूल्यांकन 90 खास पैमानों पर किया गया है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर की क्वालिटी, सरकारी नीतियां, वित्तीय स्थिति और रेगुलेटरी माहौल जैसे अहम पहलू शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार सिर्फ सरकारी डेटा ही नहीं, बल्कि 1,850 निवेशकों से मिली सीधी प्रतिक्रिया को भी इसमें शामिल किया गया है, ताकि जमीनी हकीकत का पता चल सके।

टॉप पर कौन, कहां हैं दूसरे?

गुजरात 56.6 अंकों के साथ पहले नंबर पर रहा। कंपनी की मजबूत पोर्ट लॉजिस्टिक्स, सस्ती बिजली और बेहतर बिजनेस माहौल ने इसे यह मुकाम दिलाया है। वहीं, महाराष्ट्र 53.7 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसने बड़े प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल को आकर्षित करने में अच्छी पकड़ दिखाई है। इन दोनों राज्यों के अलावा गोवा, तमिलनाडु और ओडिशा ही ऐसे राज्य रहे जो 50 अंकों का आंकड़ा पार कर पाए।

पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड 47.5 अंकों के साथ सबसे आगे रहा, जिसके बाद असम (47.3) और हिमाचल प्रदेश (46.1) रहे। केंद्र शासित प्रदेशों में गोवा 53.1 अंकों के साथ अव्वल रहा, जबकि दिल्ली (49.9) और चंडीगढ़ (47.1) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

यह इंडेक्स उन निवेशकों के लिए एक अहम टूल साबित होगा जो नए प्रोजेक्ट या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना बना रहे हैं। इसमें निवेशकों की राय को शामिल करने से यह पता चलता है कि सरकारी योजनाओं और असल काम के बीच कितना अंतर है। निवेशक अक्सर जमीन अधिग्रहण, लेबर कानूनों के पालन और राज्य स्तर पर बिजली-पानी की लागत जैसे मुद्दों पर ध्यान देते हैं, जो इस इंडेक्स के 8 मुख्य स्तंभों में शामिल हैं।

NITI Aayog के वाइस चेयरमैन अशोक लाहिरी ने कहा कि यह इंडेक्स राज्यों को यह पहचानने में मदद करेगा कि वे कहां नियमों को आसान बना सकते हैं और अपनी कार्यकुशलता बढ़ा सकते हैं। जैसे-जैसे राज्य बड़े निवेशों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, यह डेटा भविष्य में उनकी नीतियों और इंसेंटिव्स को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.