गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी 19-23 जनवरी, 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में एक उच्च-स्तरीय राज्य प्रतिनिधिमंडल का सक्रिय रूप से नेतृत्व कर रहे हैं। इस जुड़ाव का मुख्य उद्देश्य गुजरात की उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रक्षा विनिर्माण जैसी भविष्य-उन्मुख प्रौद्योगिकियों सहित विविध क्षेत्रों में पूंजी आकर्षित करना है। संघवी वैश्विक उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के साथ 58 से अधिक एक-एक बैठकों (one-on-one meetings) की योजना बना रहे हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के प्रति राज्य के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य वैश्विक मंच पर 'विकसित गुजरात @2047' की राज्य के विकास एजेंडे और दृष्टि का प्रदर्शन करना है।
उन्होंने प्रमुख व्यापारिक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चाएं कीं। लुलु ग्रुप के अध्यक्ष यूसुफली एम.ए. के साथ हुई बैठकों में गुजरात में निर्माणाधीन भारत के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल की प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया। वेलस्पन ग्रुप के अध्यक्ष बालकृष्ण गोयनका और आर्सेलर मित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल के साथ हुई चर्चाओं में औद्योगिक पैमाने, निष्पादन क्षमताओं और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में गुजरात की स्थापित शक्तियों का लाभ उठाने पर केंद्रित थीं। उदाहरण के लिए, आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया की गुजरात में अपनी हजीरा संयंत्र में विस्तार योजनाएं चल रही हैं।
इसके अतिरिक्त, संघवी ने OpenAI और कॉग्निजेंट के तकनीकी नेताओं के साथ AI के एकीकरण और औद्योगिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार की खोज की। इन चर्चाओं में उन्नत तकनीकों को अपनाने और जिम्मेदार AI और नवाचार के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की गुजरात की महत्वाकांक्षा पर प्रकाश डाला गया। राज्य AI, रक्षा, टेक्सटाइल पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और नवीन वित्तपोषण मॉडल सहित क्षेत्रों में निवेश की सक्रिय रूप से तलाश कर रहा है।
गुजरात की WEF 2026 में भागीदारी इसकी व्यापक आर्थिक रणनीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य राज्य को एक महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति में बदलना है। गुजरात ने 2026-27 तक $500 बिलियन की अर्थव्यवस्था बनने और भारत की GDP में 10% योगदान करने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। राज्य में मजबूत औद्योगिक क्षमताएं हैं, जिसे अक्सर 'नमक से लेकर विमान तक' वर्णित किया जाता है, और यह लगातार औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में उच्च स्थान पर रहता है। 12 जनवरी, 2026 को लॉन्च की गई स्टेट इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान (ILMP) जैसी हाल की रणनीतिक पहलों में लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए ₹1.80 लाख करोड़ से अधिक की परियोजना पाइपलाइन की परिकल्पना की गई है। गुजरात का सुसंगत नीति-संचालित शासन और पारदर्शिता निवेशक विश्वास को आकर्षित करने वाले प्रमुख कारक माने जाते हैं। राज्य में निवेश आकर्षित करने का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है, जिसमें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 में ₹45 लाख करोड़ के MoUs पर हस्ताक्षर किए गए थे और हाल ही में क्षेत्रीय सम्मेलनों के माध्यम से महत्वपूर्ण निवेश रुचि प्राप्त हुई थी।