अर्थव्यवस्था को आज के हिसाब से अपडेट करना
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) अपने स्वयं के आर्थिक खातों के लिए 2022-23 को आधार वर्ष के रूप में उपयोग कर रहा है। यह समायोजन अर्थव्यवस्था की वर्तमान संरचना को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए महत्वपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इस अपडेट में नवीनतम डेटा और बेहतर तरीकों का उपयोग किया गया है ताकि आर्थिक तस्वीर को अधिक अद्यतन (Up-to-date) कैप्चर किया जा सके।
सभी राज्यों के लिए नए नियम
अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की गणना करते समय इस नए आधार वर्ष का उपयोग करना होगा। यह निर्देश वर्तमान में GSDP डेटा संकलित करने वाले सभी 34 क्षेत्रों पर लागू होता है, जिनमें लक्षद्वीप और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव भी शामिल हैं। इसका लक्ष्य पूरे देश में क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को मापने का एक एकल, सुसंगत तरीका स्थापित करना है।
राज्य GDP डेटा क्यों मायने रखता है?
राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के आंकड़े महत्वपूर्ण सरकारी वित्तीय निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनका उपयोग वित्त मंत्रालय, वित्त आयोग, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) और अन्य संस्थाओं द्वारा किया जाता है। यह डेटा राज्यों के बीच धन के आवंटन, नीतियों के निर्माण, बजट तय करने और प्रदर्शन के आकलन का मार्गदर्शन करता है। इसलिए, सटीक और तुलनात्मक राज्य आर्थिक डेटा आवश्यक है।
