GDP गणना में बड़ा बदलाव: अब 2022-23 को माना जाएगा आधार वर्ष, आर्थिक आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी!

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
GDP गणना में बड़ा बदलाव: अब 2022-23 को माना जाएगा आधार वर्ष, आर्थिक आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी!
Overview

भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने राज्यों के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की गणना के लिए एक समान दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब **2022-23** के फाइनेंशियल ईयर को मानक आधार वर्ष (Base Year) बनाया गया है, जिसने पुराने **2011-12** के मानक को प्रतिस्थापित कर दिया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य देश भर में क्षेत्रीय आर्थिक प्रदर्शन की ट्रैकिंग में सटीकता, स्थिरता और तुलनात्मकता को बढ़ाना है।

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अर्थव्यवस्था को आज के हिसाब से अपडेट करना

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) अपने स्वयं के आर्थिक खातों के लिए 2022-23 को आधार वर्ष के रूप में उपयोग कर रहा है। यह समायोजन अर्थव्यवस्था की वर्तमान संरचना को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए महत्वपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इस अपडेट में नवीनतम डेटा और बेहतर तरीकों का उपयोग किया गया है ताकि आर्थिक तस्वीर को अधिक अद्यतन (Up-to-date) कैप्चर किया जा सके।

सभी राज्यों के लिए नए नियम

अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की गणना करते समय इस नए आधार वर्ष का उपयोग करना होगा। यह निर्देश वर्तमान में GSDP डेटा संकलित करने वाले सभी 34 क्षेत्रों पर लागू होता है, जिनमें लक्षद्वीप और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव भी शामिल हैं। इसका लक्ष्य पूरे देश में क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को मापने का एक एकल, सुसंगत तरीका स्थापित करना है।

राज्य GDP डेटा क्यों मायने रखता है?

राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के आंकड़े महत्वपूर्ण सरकारी वित्तीय निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनका उपयोग वित्त मंत्रालय, वित्त आयोग, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) और अन्य संस्थाओं द्वारा किया जाता है। यह डेटा राज्यों के बीच धन के आवंटन, नीतियों के निर्माण, बजट तय करने और प्रदर्शन के आकलन का मार्गदर्शन करता है। इसलिए, सटीक और तुलनात्मक राज्य आर्थिक डेटा आवश्यक है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.