PNG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! सरकार ने घरेलू गैस की कीमत ₹7/MMBtu पर रोकी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
PNG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! सरकार ने घरेलू गैस की कीमत ₹7/MMBtu पर रोकी

सरकार ने वितीय वर्ष 2026-27 तक घरेलू पाइप नेचुरल गैस (PNG) की कीमत ₹7 प्रति MMBtu पर बनाए रखने का ऐलान किया है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक LNG की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव से घरेलू उपभोक्ताओं को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

Detailed Coverage

घरेलू गैस की कीमत ₹7/MMBtu पर सीमित

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि भले ही वैश्विक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की कीमतें आसमान छू रही हों, घरेलू PNG की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। ऐसा एडमिनिस्टर्ड प्राइसिंग मैकेनिज्म (Administered Pricing Mechanism) के तहत किया जा रहा है, जो घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्राकृतिक गैस की कीमत को ₹7 प्रति MMBtu पर सीमित रखता है। यह राहत वितीय वर्ष 2026-27 के अंत तक जारी रहेगी।

गैस की सप्लाई को प्राथमिकता

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि गैस की सप्लाई में कोई रुकावट न आए। वितीय वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही से, सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (City Gas Distribution) कंपनियों को पिछली तिमाही की खपत के 105% के बराबर घरेलू प्राकृतिक गैस दी जा रही है। घरेलू PNG को उर्वरक (Fertilizer) और वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) जैसे जरूरी सेक्टर्स के साथ रखने से यह सुनिश्चित होता है कि आवासीय मांग पूरी हो, भले ही यह औद्योगिक उपयोग से कम प्राथमिकता वाली हो। यह व्यवस्था वितरण कंपनियों को लागत प्रबंधन में मदद करती है, खासकर तब जब वैश्विक ऊर्जा बाजार भू-राजनीतिक संघर्षों से दबाव में हो।

इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा विस्तार

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) देश भर में सिटी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े विस्तार की देखरेख कर रहा है। 31 मई 2026 तक, अधिकृत कंपनियों ने 309 भौगोलिक क्षेत्रों में अपना नेटवर्क फैला लिया है, जिससे 683 जिले कवर हो चुके हैं। इस विस्तार के चलते 1.70 करोड़ से अधिक घरों को कनेक्शन मिल चुके हैं। देश भर में 6.71 लाख इंच-किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है, जो घरेलू गैस वितरण की दीर्घकालिक व्यवहार्यता के लिए महत्वपूर्ण है।

सिटी गैस कंपनियों के लिए अहम बातें

इंड्राप्रस्थ गैस (Indraprastha Gas), महानगर गैस (Mahanagar Gas) और गुजरात गैस (Gujarat Gas) जैसी सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के निवेशकों के लिए, सरकारी नीति लागत की निश्चितता का एक स्तर प्रदान करती है। हालांकि, इन कंपनियों का प्रदर्शन केवल कीमत कैप से परे कई कारकों पर निर्भर करेगा। ₹7/MMBtu का कैप खुदरा कीमतों को तो बचाता है, लेकिन कंपनियों को नेटवर्क विस्तार के लिए पूंजीगत व्यय (Capital Spending) और नए घरों को जोड़ने की लागत का प्रबंधन भी करना होगा।

निवेशकों को 'नेशनल पीएनजी ड्राइव 2.0' (National PNG Drive 2.0) जैसी पहलों के तहत नए कनेक्शनों की गति पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) इन कंपनियों के लिए मुख्य चालक है। इसके अलावा, वर्तमान नीति से राहत जरूर मिली है, लेकिन इन वितरकों की दीर्घकालिक लाभप्रदता (Profitability) परिचालन लागत (Operational Costs) का प्रबंधन करने और औद्योगिक बनाम घरेलू ग्राहकों को बेचे जाने वाले गैस के मिश्रण को संतुलित करने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगी, क्योंकि औद्योगिक बिक्री पर आमतौर पर समान मूल्य सुरक्षा नहीं होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.