सरकार ने साफ कर दिया है कि E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल वाला) आपके वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, इस पहल के चलते सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को मार्च 2026 से जून 2026 के बीच लगभग ₹21,300 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है, ताकि आम आदमी को पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से बचाया जा सके।
सरकार का बड़ा ऐलान: E20 पेट्रोल है पूरी तरह सेफ!
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने लोकसभा में आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि E20 पेट्रोल, जिसमें 20% इथेनॉल मिला होता है, गाड़ियों के लिए बिल्कुल सुरक्षित है। ARAI और SIAM जैसी संस्थाओं की ओर से किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि इस ईंधन से इंजन में कोई असामान्य खराबी या गाड़ी की उम्र कम होने जैसी समस्या नहीं आती है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
सरकार के मुताबिक, भारत में 20 करोड़ से ज़्यादा टू-व्हीलर्स और 3 करोड़ कारें फिलहाल इथेनॉल-मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल कर रही हैं, और इनमें बड़े पैमाने पर इंजन फेलियर की कोई खबर नहीं है। E20 पेट्रोल के कुछ तकनीकी फायदे भी हैं, जैसे बेहतर ऑक्टेन रेटिंग और एंटी-नॉक गुण, जो इंजन के परफॉरमेंस को बढ़ा सकते हैं। यह प्रोग्राम भारत की ऊर्जा नीति का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू अर्थव्यवस्था को ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता से बचाना है।
तेल कंपनियों पर ₹21,300 करोड़ का झटका
इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम जहां एक ओर किसानों और देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए फायदेमंद है, वहीं दूसरी ओर सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) पर भारी वित्तीय बोझ डाल रहा है। OMCs इथेनॉल को अच्छी कीमत पर खरीद रही हैं, जिसकी औसत कीमत ₹66.61 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस लागत को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोकने के लिए, सरकारी कंपनियों ने खुद ही इस अतिरिक्त बोझ को सहा है। मार्च 2026 से जून 2026 के बीच, इन कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब ₹11 का नुकसान हुआ, जिससे कुल मिलाकर लगभग ₹21,300 करोड़ का घाटा हुआ।
निवेशकों के लिए अहम बातें
निवेशकों को यह देखना होगा कि इस इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की लंबी अवधि में स्थिरता कैसे बनी रहेगी। इसके लिए इथेनॉल खरीद की कीमतों की नीति, प्रमुख OMCs की वित्तीय स्थिति और भविष्य में खुदरा पेट्रोल की कीमतों में होने वाले बदलावों पर नज़र रखनी होगी। साथ ही, ऑटोमोबाइल कंपनियां जैसे-जैसे अपने इंजन को इथेनॉल-मिश्रित ईंधन के लिए पूरी तरह तैयार करेंगी, E20-अनुकूल गाड़ियों की बिक्री के आंकड़ों पर भी ध्यान देना ज़रूरी होगा।
