कोर सेक्टर इंडेक्स में लोहे का इजाफा: 9वीं इंडस्ट्री शामिल, 2022-23 नया बेस ईयर

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AuthorMehul Desai|Published at:
कोर सेक्टर इंडेक्स में लोहे का इजाफा: 9वीं इंडस्ट्री शामिल, 2022-23 नया बेस ईयर

सरकार कोर सेक्टर इंडेक्स (Core Sector Index) का विस्तार कर रही है और अब इसमें लोहे (Iron Ore) को नौवीं इंडस्ट्री के तौर पर शामिल किया गया है। इस बदलाव के साथ **2022-23** का नया बेस ईयर (Base Year) लागू होगा, जिससे राष्ट्रीय औद्योगिक गतिविधि का ज्यादा सटीक अंदाज़ा मिल सकेगा। निवेशकों के लिए यह एक अहम बदलाव है क्योंकि इससे इंडेक्स के वेटेज (Weightage) और मासिक रिपोर्टिंग में फर्क पड़ेगा, जबकि हाल ही में इस इंडेक्स की ग्रोथ सात महीने के निचले स्तर पर आ गई थी।

कोर सेक्टर इंडेक्स में नया क्या?

भारतीय सरकार ने कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (ICI) में बड़ा बदलाव करते हुए लोहे (Iron Ore) को नौवीं इंडस्ट्री के तौर पर जोड़ा है। इससे पहले, यह इंडेक्स आठ अहम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों - कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली - पर नजर रखता था। लोहे को शामिल करने से सरकार देश की औद्योगिक सेहत की ज्यादा व्यापक तस्वीर पेश कर सकेगी।

बदले हुए इंडेक्स का असर

यह नया और अपडेटेड डेटा सीरीज 20 जुलाई से लागू होगी और इसका बेस ईयर 2022-23 होगा, जो पुराने 2011-12 वाले डेटा सीरीज की जगह लेगा। यह बदलाव मार्केट एनालिस्ट्स (Market Analysts) और इकोनॉमिस्ट्स (Economists) के लिए काफी अहम है, जो कोर सेक्टर के डेटा को औद्योगिक उत्पादन (Industrial Output) और आर्थिक गति (Economic Momentum) के हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर (High-Frequency Indicator) के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि कोर सेक्टर, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (IIP) में 40% से ज्यादा का वेटेज रखते हैं, इन घटकों में बदलाव सीधे तौर पर व्यापक औद्योगिक प्रदर्शन की व्याख्या को प्रभावित करते हैं।

तकनीकी बदलाव और मेथोडोलॉजी

इस विस्तार के साथ, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने डेटा की सटीकता (Accuracy) को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी सुधार (Technical Refinements) भी पेश किए हैं। स्टील सेक्टर के लिए, इंडेक्स अब नेट प्रोडक्शन (Net Production) के बजाय ग्रॉस प्रोडक्शन (Gross Production) डेटा का उपयोग करेगा, जिससे ICI, IIP की रिपोर्टिंग मेथोडोलॉजी के करीब आ जाएगा। इसके अलावा, कोल सेक्टर (Coal Sector) की गणना अब पूरी तरह से रॉ कोल (Raw Coal) पर केंद्रित होगी। कोल मिडलिंग्स (Coal Middlings) और वाश्ड कोल (Washed Coal) को हटाने से डबल-काउंटिंग (Double-counting) का जोखिम खत्म हो जाएगा, क्योंकि ये रॉ कोल के प्रोसेस्ड रूप हैं जो पहले से ही प्राइमरी प्रोडक्शन फिगर में शामिल हैं।

निवेशक कैसे करें निगरानी?

यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब मौजूदा आठ-सेक्टर इंडेक्स में सुस्ती के संकेत दिख रहे हैं। मई में, इन सेक्टरों में ग्रोथ 0.5% के सात महीने के निचले स्तर पर आ गई थी, जो कोयला, कच्चा तेल और रिफाइनरी उत्पादों के कमजोर उत्पादन के कारण हुआ था। निवेशक और पॉलिसीमेकर नए इंडेक्स पर बारीकी से नजर रखेंगे कि लोहे का समावेश, जो स्टील इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है, समग्र विकास की कहानी को कैसे संतुलित करता है। बेस ईयर को 2022-23 में शिफ्ट करने से ग्रोथ के बेंचमार्क भी रीसेट होने की उम्मीद है, जिससे तत्काल भविष्य के लिए महीने-दर-महीने और साल-दर-साल की ग्रोथ तुलना प्रभावित हो सकती है। अगला महत्वपूर्ण कदम 20 जुलाई का रिलीज होगा, जो इन इंफ्रास्ट्रक्चर-लिंक्ड इंडस्ट्रीज को ट्रैक करने के लिए नया स्टैंडर्ड सेट करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.