Goldman Sachs का अनुमान: जुलाई में ब्याज दरों पर रोक लगा सकता है Fed, महंगाई में नरमी के संकेत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Goldman Sachs का अनुमान: जुलाई में ब्याज दरों पर रोक लगा सकता है Fed, महंगाई में नरमी के संकेत

गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) के वाइस चेयरमैन रॉब कपलान (Rob Kaplan) का मानना है कि महंगाई के आंकड़े नरम पड़ने के बाद अमेरिका का फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) जुलाई में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। हालांकि, वे यह भी कहते हैं कि फेड और डेटा पर नज़र रखेगा।

फेडरल रिजर्व पर गोल्डमैन सैक्स का नज़रिया

गोल्डमैन सैक्स के वाइस चेयरमैन रॉब कपलान, जो फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ डलास के पूर्व प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं, का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) अपनी आगामी जुलाई की बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखेगा। यह अनुमान जून के महंगाई (Inflation) के आंकड़ों के बाद आया है, जिसमें उम्मीद से कम बढ़ोतरी देखी गई थी।

महंगाई में नरमी, पर दरों में कटौती नहीं?

हालांकि महंगाई का आंकड़ा अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है, कपलान का कहना है कि फेड अधिकारी तुरंत ब्याज दरों में कटौती (Rate Cuts) करने के मूड में नहीं हैं। फेड अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि महंगाई लगातार उनके लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, तभी वे मौजूदा मॉनेटरी टाइटनिंग (Monetary Tightening) के दौर को खत्म घोषित करेंगे। ऐसे में, फेड ऊर्जा की कीमतों, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और सप्लाई चेन की दिक्कतों जैसे कई आर्थिक कारकों को ध्यान में रखते हुए अपनी ब्याज दर के फैसले लेगा।

फेड के बैलेंस शीट में बदलाव का असर

कपलान ने फेड की बैलेंस शीट (Balance Sheet) के प्रबंधन में हो रहे बदलावों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फेड अपने ट्रेजरी होल्डिंग्स की औसत मैच्योरिटी को धीरे-धीरे कम कर रहा है। पोर्टफोलियो में यह तकनीकी बदलाव अर्थव्यवस्था पर उतना ही असर डाल सकता है जितना कि शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों में बदलाव, क्योंकि इसका लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) और ट्रेजरी यील्ड कर्व (Yield Curve) पर असर पड़ सकता है।

AI का बढ़ता प्रभाव और इक्विटी मार्केट

बाजार के मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर कुछ चिंताएं होने के बावजूद, कपलान का अमेरिकी इक्विटी (Equities) को लेकर सकारात्मक नज़रिया है, जिसका मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास है। उनका अनुमान है कि बड़ी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश करेंगी, जिससे कॉर्पोरेट मुनाफे (Corporate Profitability) में सुधार होगा। कपलान का मानना है कि यह कंपनियों के लिए उत्पादकता बढ़ाने और अगले कुछ सालों में कमाई (Earnings Growth) को सपोर्ट करने का एक मजबूत आधार बनेगा।

निवेशकों के लिए अहम बातें

आने वाले महीनों में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि फेड ब्याज दरों के भविष्य को लेकर क्या संकेत देता है। अगर भविष्य में महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक कम नहीं होते हैं, तो ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, निवेशक यह भी आकलन करते रहेंगे कि AI पर होने वाले पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) से होने वाली कमाई, ऊंची ब्याज दरों के माहौल में मौजूदा स्टॉक की कीमतों को सही ठहरा पाएगी या नहीं।

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