Gold & Silver Smuggling में बड़ी गिरावट! Q1 FY26 में पकड़े गए इतने किलो सोना-चांदी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gold & Silver Smuggling में बड़ी गिरावट! Q1 FY26 में पकड़े गए इतने किलो सोना-चांदी

भारत में सोने और चांदी की तस्करी में भारी कमी आई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में क्रमशः **247 किलो** सोना और **585 किलो** चांदी पकड़ी गई। यह गिरावट सरकार द्वारा आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाने के बाद आई है, जिसका मकसद विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को स्थिर करना और व्यापार प्रवाह को नियंत्रित करना था।

Detailed Coverage

कस्टम विभाग के आंकड़े क्या कहते हैं?

डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के जारी आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच 247.07 किलोग्राम सोना और 585.48 किलोग्राम चांदी जब्त की गई। यह सोने-चांदी के अवैध आयात पर नकेल कसने की सरकारी रणनीति के अनुरूप है, जो ऐतिहासिक रूप से देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डालते रहे हैं।

ड्यूटी में बढ़ोतरी का असर

यह गिरावट मई 2025 में सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को 15% तक बढ़ाए जाने के बाद देखी जा रही है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों के बीच विदेशी मुद्रा की अस्थिरता को नियंत्रित करना था। पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो, 2023-24 में जहां 4,971.68 किलोग्राम सोना जब्त किया गया था, वहीं 2025-26 के पूरे वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा घटकर 646.66 किलोग्राम रह गया था। मौजूदा तिमाही के ये आंकड़े बताते हैं कि बढ़ी हुई ड्यूटी और कड़ी निगरानी तस्करी के लिए मिलने वाले लालच को कम कर रही है।

लगातार जारी है निगरानी

हालांकि जब्त की गई मात्रा में कमी आई है, लेकिन सरकारी अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि निगरानी में कोई ढील नहीं बरती गई है। कस्टम विभाग की टीमें और DRI देश भर में एंट्री पॉइंट्स पर लगातार नजर रख रही हैं। कस्टम एक्ट, 1962 के तहत, सरकार अवैध रूप से आयातित माल को जब्त करने और अपराधियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार रखती है। जब्त की गई मात्रा में कमी का मतलब यह नहीं है कि प्रवर्तन (Enforcement) कम हो गया है, बल्कि यह विभिन्न व्यापारिक माध्यमों से जुड़े जोखिमों का लगातार मूल्यांकन किया जा रहा है।

बाजार पर क्या होगा असर?

निवेशकों, खासकर जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है। अवैध आपूर्ति में कमी संगठित और टैक्स नियमों का पालन करने वाले रिटेल खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, यह सेक्टर वैश्विक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग के पैटर्न के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। भविष्य में, सरकार की व्यापार नीतियों और आयात शुल्कों में किसी भी तरह के बदलाव पर बारीकी से नजर रखनी होगी, क्योंकि ये बुलियन और ज्वैलरी इंडस्ट्री के कारोबारी माहौल को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.