ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट! ईरान तनाव से डोले निवेशक, तेल हुआ महंगा

ECONOMY
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AuthorNeha Patil|Published at:
ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट! ईरान तनाव से डोले निवेशक, तेल हुआ महंगा
Overview

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान को लेकर बनी चिंताओं के चलते शुक्रवार को **ग्लोबल स्टॉक मार्केट** में भारी गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) द्वारा ईरान के लिए डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद निवेशकों की घबराहट कम नहीं हुई, जिसके चलते तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया। **U.S. Indices** में बड़ी गिरावट आई, खासकर टेक और फाइनेंसियल सेक्टर में, और **नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite)** करेक्शन के करीब पहुंच गया। यूरोप और एशिया के शेयर बाजार भी गिरे। वहीं, महंगाई (Inflation) की आशंकाओं ने बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) को बढ़ाया, जिससे फेडरल रिजर्व (Fed) की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गईं।

नैस्डैक करेक्शन के करीब

नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) पर दबाव बढ़ता दिख रहा है और यह करेक्शन टेरिटरी के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को इसमें 1.33% की गिरावट आई, जबकि गुरुवार को यह 2.4% लुढ़का था। अक्टूबर के आखिर से यह अपने टॉप से लगभग 11% नीचे आ चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों का भरोसा कम होना और आर्थिक Outlook का बिगड़ना इसकी मुख्य वजह है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका को लेकर अनिश्चितता भी टेक सेक्टर में बढ़ी हुई है।

ईरान को लेकर तनाव बरकरार

राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) का ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खोलने की डेडलाइन बढ़ाने का फैसला ग्लोबल मार्केट की चिंताओं को शांत करने में नाकाम रहा। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपना रुख कड़ा रखा और महत्वपूर्ण जलमार्ग में शिपिंग बाधित करने की धमकी दी। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने कच्चे तेल (Oil) की कीमतों में आग लगा दी। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) फ्यूचर्स 2.36% बढ़कर $110.55 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स 3.56% चढ़कर $97.84 पर पहुंच गया। हैरग्रेव्स लैंसडाउन (Hargreaves Lansdown) के सीनियर इक्विटी एनालिस्ट मैट ब्रिट्ज़मैन (Matt Britzman) ने कहा, "सिर्फ शब्दों से अभी काम नहीं चलेगा। हमें प्रगति के ठोस सबूत चाहिए।"

यूरोप और एशिया में भी गिरीं मार्केटें

वैश्विक चिंता का माहौल साफ तौर पर हर महाद्वीप पर देखा गया। पैन-यूरोपियन Stoxx 600 index 1% गिरा, वहीं जर्मनी का Dax 1.4% और लंदन का FTSE 100 0.3% नीचे आया। एशिया में, जापान को छोड़कर MSCI का शेयर इंडेक्स रात भर में 0.8% गिर गया, जिससे ग्लोबल शेयरों में आई कुल 0.93% की गिरावट और बढ़ गई।

महंगाई की चिंता से बॉन्ड यील्ड में उछाल

निवेशकों को महंगाई के झटके (inflationary shock) का डर सता रहा है। इसी चिंता के चलते मनी मार्केट यह उम्मीद कर रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। 10-साल के U.S. Treasury yield में 2 बेसिस पॉइंट से अधिक की बढ़ोतरी हुई और यह 4.4398% पर पहुंच गया, जो जुलाई के बाद का उच्चतम स्तर है। मनी मार्केट अब इस साल फेड की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 60% संभावना देख रहा है, जो पहले की कटौती की उम्मीदों से बिल्कुल विपरीत है। जर्मनी के 10-साल के बॉन्ड यील्ड ने भी 3.13% के साथ कई साल का नया उच्च स्तर छुआ।

डॉलर में मामूली मजबूती

वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच अमेरिकी डॉलर (U.S. dollar) ने प्रमुख मुद्राओं, जिनमें जापानी येन (Japanese yen) और स्विस फ्रैंक (Swiss franc) शामिल हैं, के मुकाबले थोड़ी मजबूती दिखाई। डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चाल को ट्रैक करता है, लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।

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