AI का डर और छंटनी का बड़ा झटका
इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजहें हैं AI की बढ़ती क्षमता को लेकर सॉफ्टवेयर कंपनियों के प्रॉफिट पर पड़ने वाला संभावित असर और अमेरिकी लेबर मार्केट (Labor Market) से आए चिंताजनक आंकड़े। जनवरी महीने में अमेरिकी कंपनियों ने 1,08,435 लोगों को नौकरी से निकाला है, जो पिछले 17 सालों यानी 2009 के बाद से जनवरी महीने में हुई सबसे बड़ी छंटनी है। यह दिखाता है कि कंपनियां भविष्य को लेकर थोड़ी Pessimistic हैं और लागत घटाने पर ज़ोर दे रही हैं, जिसमें AI का इस्तेमाल एक बड़ा फैक्टर हो सकता है। इसका असर Tech Sector पर भी साफ दिख रहा है, जो पिछले 7 दिनों में ही 6.1% तक गिर चुका है।
एशिया से लेकर अमेरिका तक बिकवाली का दौर
निवेशकों के बदलते सेंटीमेंट का असर Asian Markets पर साफ दिख रहा है। MSCI का एशिया-पैसेफिक शेयर इंडेक्स (Japan को छोड़कर) 0.9% नीचे आ गया। साउथ कोरिया का Kospi Composite Index तो 3.86% तक लुढ़क गया, जिससे क्षेत्रीय बाज़ारों में चिंता बढ़ गई है। जापान के Nikkei 225 Futures भी 0.18% की गिरावट दिखा रहे थे। वॉल स्ट्रीट (Wall Street) पर हुई भारी बिकवाली के बाद US Markets के Futures भी कमजोर दिख रहे थे, S&P 500 Futures 0.6% और Nasdaq Futures 1.1% नीचे थे। यह एक व्यापक 'रिस्क-ऑफ' (Risk-off) सेंटीमेंट का संकेत है, जहां निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं।
Gold, Silver और Crypto भी नहीं बचे
आम तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले Gold और Silver जैसे Precious Metals भी इस बिकवाली से अछूते नहीं रहे। Gold की कीमतें करीब $4,695.51 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थीं। Silver भी अपने हालिया Highs से काफी नीचे गिर गया है, जो करीब $80.36 प्रति औंस पर है। Cryptocurrency बाज़ार में तो ज़बरदस्त उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिला। Bitcoin, जिसे 'डिजिटल गोल्ड' भी कहा जाता है, 15-महीने के निचले स्तर लगभग $67,000 पर आ गया, जो इसके High से 46% की गिरावट है। Ether भी करीब $1,880 पर कारोबार कर रहा था। कुल मिलाकर, यह बाज़ार में फैली व्यापक घबराहट को दर्शाता है।