IT Sector पर AI का साया! ग्लोबल गिरावट और FIIs की खरीदारी के बीच कैसा रहेगा मार्केट का हाल?

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IT Sector पर AI का साया! ग्लोबल गिरावट और FIIs की खरीदारी के बीच कैसा रहेगा मार्केट का हाल?
Overview

आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत धीमी रहने की आशंका है। ग्लोबल मार्केट में आई गिरावट और अमेरिकी बाजारों में लिस्टेड Indian IT Stocks (ADRs) में आई तेज गिरावट के चलते GIFT Nifty कमजोर संकेत दे रहा है। Artificial Intelligence (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएं IT सेक्टर पर भारी पड़ रही हैं। हालांकि, Foreign Institutional Investors (FIIs) की खरीदारी और कमजोर होते रुपये ने बाजार की चाल को थोड़ा मिला-जुला कर दिया है।

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ग्लोबल सेंटिमेंट का असर

24 फरवरी 2026 को शेयर बाजार में नरमी के साथ कारोबार शुरू होने की उम्मीद है। ग्लोबल इक्विटीज में आई बड़ी गिरावट का असर भारतीय बाजारों पर भी दिख रहा है, जिससे GIFT Nifty फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके अलावा, Artificial Intelligence (AI) के संभावित नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंताएं टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भारी पड़ रही हैं। इस माहौल में, Foreign Institutional Investors (FIIs) की ओर से भारी निवेश और Domestic Institutional Investors (DIIs) की बिकवाली के बीच, साथ ही भारतीय रुपये के कमजोर होने से निर्यात-केंद्रित कंपनियों के लिए मिली-जुली तस्वीर बन रही है।

IT सेक्टर पर AI का खतरा

वैश्विक बाजारों में कमजोरी का माहौल बना हुआ है। पिछले ट्रेडिंग सेशन में अमेरिकी बाजार जैसे Dow Jones 1.66%, Nasdaq 1.13% और S&P 500 1.04% तक गिरे। इसी का असर एशियाई बाजारों पर भी दिख रहा है। GIFT Nifty फ्यूचर्स करीब 25,760 के आसपास ट्रेड कर रहे हैं, जो लगभग 100 अंकों की गिरावट का संकेत है। खास तौर पर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर दबाव है, क्योंकि उनके US-लिस्टेड ADRs में भारी गिरावट आई है। Infosys के ADRs 5% और Wipro के ADRs 3% तक गिरे। यह गिरावट AI के कारण IT सर्विस बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव की आशंकाओं को दर्शाती है।

ब्रोकरेज हाउस की चिंताएं

हाल ही में, ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Infosys, TCS और HCL Technologies जैसे कई प्रमुख IT स्टॉक्स की रेटिंग को 'Buy' से घटाकर 'Hold' या 'Underperform' कर दिया है। फर्म का मानना है कि AI से जुड़ी अनिश्चितताओं और कंसल्टिंग व इम्प्लीमेंटेशन सर्विसेज की ओर बढ़ते झुकाव के चलते इन स्टॉक्स में गिरावट का बड़ा जोखिम है। इसी सेंटिमेंट के चलते 23 फरवरी 2026 को Nifty IT इंडेक्स में लगभग 1.4% की गिरावट आई थी। Infosys जैसे स्टॉक्स ने पिछले हफ्ते बड़ी गिरावट दर्ज की। मौजूदा वैल्यूएशंस की बात करें तो Infosys का P/E करीब 19.03-19.59x और Wipro का 16.58-16.9x पर है, जो ऐतिहासिक औसत के आसपास या उससे नीचे है। यह दर्शाता है कि मार्जिन में संभावित कमी और आय (Earnings) में गिरावट का अनुमान काफी हद तक पहले ही प्राइस-इन हो चुका है। हालांकि, AI में R&D पर पर्याप्त निवेश की कमी लंबे समय में कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए खतरा बन सकती है।

विदेशी निवेशकों का भरोसा, घरेलू निवेशक सतर्क

बाजार की कमजोरी और IT सेक्टर की चिंताओं के बीच, Foreign Institutional Investors (FIIs) ने 23 फरवरी 2026 को भारतीय इक्विटीज में ₹3,483 करोड़ का निवेश करके भरोसा जताया। वहीं, Domestic Institutional Investors (DIIs) ने इसी दिन ₹1,292 करोड़ के शेयर बेचे। यह अंतर दिखाता है कि विदेशी निवेशक IT सेक्टर की तात्कालिक चुनौतियों को नजरअंदाज कर वैल्यू स्टॉक्स की तलाश में हो सकते हैं, जबकि घरेलू निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

कमजोर रुपया और सेक्टर-विशिष्ट मजबूती

भारतीय रुपये का कमजोर होना भी एक अहम फैक्टर है। 23 फरवरी 2026 को USD/INR की दर लगभग 90.6920 थी, जो पिछले 12 महीनों में 4.67% की गिरावट दर्शाता है। IT सेक्टर के लिए, जो कि निर्यात पर बहुत निर्भर है, कमजोर रुपया आमतौर पर फायदेमंद होता है। इससे कंपनियों की कमाई (Revenue) और मार्जिन में बढ़ोतरी होती है। उदाहरण के लिए, Infosys ने बताया था कि दूसरी तिमाही में करेंसी के कारण उनके मार्जिन में 60 बेसिस पॉइंट का फायदा हुआ था। हालांकि, कंपनियां करेंसी हेजिंग का इस्तेमाल करके इस प्रभाव को सीमित भी कर सकती हैं।

कुछ अन्य सेक्टर्स में मजबूती देखी गई। इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स में 2.93%, अल्कोहलिक बेवरेजेज में 1.79% और टी एंड कॉफी सेक्टर्स में 1.44% की बढ़त दर्ज की गई। इक्विटी मार्केट की अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग भी बनी हुई है।

भविष्य की राह

AI के बढ़ते प्रभाव और इसके पारंपरिक IT सर्विस लाइन्स पर असर को देखते हुए, IT सेक्टर का भविष्य मिला-जुला नजर आ रहा है। कुछ विश्लेषक जैसे BofA, Infosys पर 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं और AI को लेकर कंपनी को इसका फायदा मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। लेकिन, अधिकतर ब्रोकरेज फर्म सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। Jefferies की हालिया डाउनग्रेड्स से पता चलता है कि सेक्टर को निकट भविष्य में दबाव का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि निवेशक लंबे समय की आय के अनुमानों को फिर से आंक रहे हैं। बाजार ग्लोबल टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स, सेंट्रल बैंक की नीतियों और AI के प्रति IT कंपनियों की रणनीतिक प्रतिक्रियाओं पर बारीकी से नजर रखेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.