भू-राजनीतिक तनाव से बाज़ार पर बढ़ता दबाव
वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव बाजारों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर संभावित हमले की समय-सीमा को 6 अप्रैल तक टाल दिया है, लेकिन ईरान के दावों के मुताबिक कूटनीतिक प्रगति पर मतभेद हैं। इससे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है और तनाव के दोबारा बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
Goldman Sachs ने घटाई भारत की इक्विटी रेटिंग
बड़ी इनवेस्टमेंट बैंक्स भारत के इक्विटी मार्केट के आउटलुक का फिर से आकलन कर रही हैं। Bernstein और UBS जैसी फर्मों द्वारा रेटिंग घटाए जाने के बाद, अब Goldman Sachs ने भी भारत की इक्विटी मार्केट की रेटिंग को 'ओवरवेट' (Overweight) से घटाकर 'मार्केटवेट' (Marketweight) कर दिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने Nifty 50 के लिए अपना 12 महीने का टारगेट भी घटाकर 25,300 कर दिया है, जो पहले 29,500 था।
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, 'रिस्क-ऑफ' का माहौल
इस 'रिस्क-ऑफ' सेंटीमेंट का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। वॉल स्ट्रीट ने हाल के सालों में अपनी सबसे बड़ी गिरावट देखी है, जहाँ Nasdaq इंडेक्स करेक्शन टेरिटरी में पहुँच गया है। शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जापान का Nikkei लगभग 1000 अंकों से ज्यादा टूटा है, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi 4% से अधिक लुढ़क गया।
विश्लेषकों की चेतावनी: सतर्क रहने की सलाह
बाजार विश्लेषक Vikrant Chaturvedi का कहना है कि भारतीय बाजारों में हालिया तेज रिकवरी की स्थिरता भू-राजनीतिक स्थिति के स्पष्ट होने पर निर्भर करती है। उनका मानना है कि अमेरिकी कूटनीति रणनीतिक तैयारी का हिस्सा हो सकती है और मौजूदा रैली में भावना (sentiment) का बड़ा हाथ है। Ponmudi R ने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाएं, करेंसी मूवमेंट और फॉरेन इन्वेस्टर का फ्लो ही अल्पावधि में बाजार की दिशा तय करेंगे।
इन स्टॉक्स पर रहेगी नज़र
हालांकि, बाजार की इस व्यापक कमजोरी के बीच कुछ भारतीय स्टॉक्स निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें Infosys Ltd., Sundaram-Clayton Ltd., Azad Engineering Ltd., और Brigade Enterprises Ltd. जैसे नाम शामिल हैं, जिनमें गिरावट पर खरीदारी (value buying) देखने को मिल सकती है।