विदेशी पैसा भारत लौटा: ₹2.1 अरब का इनफ्लो! पर AI का IT सेक्टर पर 'डर' जारी?

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AuthorAditya Rao|Published at:
विदेशी पैसा भारत लौटा: ₹2.1 अरब का इनफ्लो! पर AI का IT सेक्टर पर 'डर' जारी?
Overview

February **2026** में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पूंजी (Foreign Capital) का जोरदार आगमन हुआ है। पिछले **17 महीनों** में पहली बार ऐसा हुआ है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी घरेलू निवेशकों से ज्यादा रही है। यह वापसी मुख्य रूप से बेहतर कमाई की उम्मीदों (Earnings Momentum) और चीन जैसे देशों की तुलना में अधिक आकर्षक वैल्यूएशन (Valuations) के कारण हुई है।

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विदेशी फंड की भारत में धमाकेदार वापसी!

विदेशी फंडों ने 24 फरवरी तक भारतीय शेयरों में लगभग $2.1 अरब की शुद्ध खरीदारी की है, जो उनके स्थानीय प्रतिद्वंद्वियों द्वारा की गई $1.8 अरब की खरीदारी से भी अधिक है। 2025 के अधिकांश समय में विदेशी बिकवाली के बाद यह एक बड़ा उलटफेर है, जो भारत की आर्थिक संभावनाओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

कमाई की रफ्तार और वैल्यूएशन बने मुख्य वजह?

इस इनफ्लो की मुख्य वजह है कंपनियों की कमाई (Earnings) की मजबूत रफ्तार और वैल्यूएशन का आकर्षक होना। एनालिस्टों का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2025 के अंत तक MSCI India की कमाई लगभग 10% तक बढ़ सकती है। वहीं, Nifty 50 के EPS ग्रोथ का अनुमान FY26E के लिए 7% और FY27E के लिए 15.7% लगाया जा रहा है। Motilal Oswal की उम्मीद है कि FY25-27E के बीच Nifty की अर्निंग ग्रोथ 12% रहेगी।

फिलहाल, निफ्टी फॉरवर्ड अर्निंग्स के 22.25-22.59 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन, हालांकि कुछ बाजारों की तुलना में प्रीमियम पर है, लेकिन चीन जैसे देशों के मुकाबले इसे अधिक आकर्षक बनाता है। हालिया भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट और चीन के शेयर बाजार की सुस्ती ने भी भारत को और अधिक लुभावना बना दिया है।

सेक्टरों में दिख रही है बड़ी भिन्नता

हालांकि, विदेशी निवेश में एक स्पष्ट भिन्नता (Divergence) नजर आ रही है। कैपिटल गुड्स सेक्टर में मजबूत मोमेंटम है, जिसे FY2027 के लिए ₹12.2 लाख करोड़ के सरकारी कैपेक्स (Capex) आवंटन और मल्टी-ईयर ऑर्डर इनफ्लो विजिबिलिटी का साथ मिला है। 2026 में इस सेक्टर की कंपनियों में काफी खरीदारी देखने को मिली है। इसी तरह, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर, खासकर पब्लिक सेक्टर बैंक, अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उम्मीद है कि रिटेल क्रेडिट, वेल्थ मैनेजमेंट और पेमेंट्स के दम पर यह सेक्टर FY30 तक अपना मुनाफा दोगुना कर सकता है।

IT सेक्टर पर AI का 'डर' और वैल्यूएशन का सवाल

इसके विपरीत, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर बड़ी चुनौतियों से जूझ रहा है। अकेले फरवरी 2026 में निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 20% गिर गया है। इस तेज करेक्शन का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। NASSCOM का अनुमान है कि FY26 के लिए आईटी इंडस्ट्री रेवेन्यू ग्रोथ 6.1% रहेगी, जो मुख्य रूप से AI सेवाओं से प्रेरित होगी। लेकिन, AI द्वारा पारंपरिक आईटी फंक्शन्स को ऑटोमेट करने के तत्काल प्रभाव ने निवेशकों में भारी चिंता पैदा कर दी है।

AI की विनाशकारी क्षमता (Disruptive Potential) एक बड़ा बेयर केस (Bear Case) बनती दिख रही है। AI टूल्स में तेजी से हो रही प्रगति भारत के आईटी उद्योग के लिए एक सीधा खतरा पैदा करती है, जिससे पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल अप्रचलित हो सकते हैं। आईटी शेयरों में तेज बिकवाली, जैसे IBM की गिरावट, इस तत्काल जोखिम को दिखाती है।

इसके अलावा, वैल्यूएशन पीयर्स की तुलना में कम होने के बावजूद, भारतीय इक्विटी अभी भी प्रीमियम पर हैं। निफ्टी का फॉरवर्ड P/E लगभग 21x है, जो अपने लंबे समय के औसत के करीब है। इसका मतलब है कि अगर नतीजों में कोई चूक होती है या कोई नकारात्मक मैक्रोइकॉनॉमिक सरप्राइज आता है, तो वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट आ सकती है।

भविष्य का आउटलुक

भविष्य के आउटलुक की बात करें तो, विश्लेषक सतर्क रूप से आशावादी बने हुए हैं। जे.पी. मॉर्गन 2026 के लिए MSCI India की कमाई में 16% ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है, जबकि गोल्डमैन सैक्स 13% सीएजीआर (CAGR) की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल, बाजार 'इंतजार करो और देखो' मोड में है। विदेशी इनफ्लो की स्थिरता घरेलू मांग की मजबूती, कैपिटल गुड्स और फाइनेंशियल्स जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टरों में कार्यान्वयन और AI द्वारा लाए जा रहे संरचनात्मक बदलावों से निपटने की सेक्टर की क्षमता पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.