जांच ख़त्म, वॉर्श की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त
यह बड़ी ख़बर अमेरिका से आई है, जहाँ डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के खिलाफ चल रही क्रिमिनल जांच को 24 अप्रैल, 2026 को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। यह जांच सेंट्रल बैंक के बड़े पैमाने पर चल रहे बिल्डिंग रेनोवेशन (Building Renovation) में हुए अतिरिक्त खर्चों और उससे जुड़े बयानों को लेकर थी। इस जांच के ख़त्म होने से प्रेसिडेंट ट्रम्प द्वारा नॉमिनेट किए गए केविन वॉर्श (Kevin Warsh) की फेड के अगले चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति का सबसे बड़ा रोड़ा हट गया है। सीनेटर टॉम टिलिस (Senator Thom Tillis) ने पहले कहा था कि जब तक यह जांच ख़त्म नहीं होती, वे किसी भी फेड नॉमिनी को आगे बढ़ने नहीं देंगे। अब सीनेट समिति में वॉर्श की नियुक्ति पर 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है।
आर्थिक तस्वीर और फेड की स्थिति
फिलहाल, जेरोम पॉवेल का चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 15 मई, 2026 को ख़त्म हो रहा है। बाजार की उम्मीद है कि एफओएमसी (FOMC) की 28-29 अप्रैल को होने वाली मीटिंग में ब्याज दरों (Interest Rates) को स्थिर रखा जाएगा। मार्च 2026 तक, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के चलते सालाना महंगाई दर (Inflation) 3.3% पर थी। फेड फंड्स रेट का टारगेट 3.5-3.75% बना हुआ है, जबकि अप्रैल 2026 तक फेडरल रिजर्व की बैलेंस शीट (Balance Sheet) $6.7 ट्रिलियन पर खड़ी थी।
स्वतंत्रता की चिंताएं और वॉर्श के विचार
यह पूरा मामला सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता पर पड़ने वाले राजनीतिक दबाव को दर्शाता है। इतिहास गवाह है कि ऐसे दबावों का अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। केविन वॉर्श, जिन्हें इस पद के लिए नॉमिनेट किया गया है, ने अपनी सुनवाई के दौरान कहा था कि कोविड के बाद फेड महंगाई को रोकने में 'चूक गया' था। उन्होंने तब से अब तक 25-35% तक बढ़ी कीमतों को लेकर 'पॉलिसी में बड़े बदलाव' की वकालत की थी। विश्लेषकों का मानना है कि DOJ की जांच का ख़त्म होना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन फेड की विश्वसनीयता (Credibility) को लेकर बनी चिंताएं अभी भी पूरी तरह से दूर नहीं हुई हैं।
पॉवेल के बने रहने का जोखिम और बाजार की निगरानी
इसके अलावा, एक और चिंता यह है कि अगर जेरोम पॉवेल चेयरमैन का कार्यकाल ख़त्म होने के बाद भी फेडरल रिजर्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (Board of Governors) में बने रहते हैं, तो इससे संस्थागत टकराव (Institutional Friction) की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसा होना दुर्लभ है और इससे केंद्रीय बैंक के फैसलों में अनिश्चितता बढ़ सकती है, जो बाजार के भरोसे को कम कर सकता है। यह भरोसा, कीमतों की स्थिरता और अधिकतम रोजगार (Maximum Employment) के लिए बेहद अहम है। जांच ख़त्म होने की ख़बर पर सोने (Gold) की कीमतों में आई तेजी से यह भी संकेत मिलता है कि निवेशक 'फेड स्वतंत्रता डिस्काउंट' (Fed Independence Discount) को पहले ही फैक्टर-इन कर रहे थे, यानी वे अभी भी सतर्क हैं।
आगे की राह: फेड का भविष्य
अब जबकि केविन वॉर्श की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है, फेड को आर्थिक अनिश्चितताओं और पिछले राजनीतिक दबावों के बीच अपनी नीतियों में स्पष्टता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। अप्रैल की एफओएमसी मीटिंग में दरों को स्थिर रखा गया। बाजार के अनुमान बताते हैं कि 2026 के बाकी महीनों में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है, हालांकि कुछ विश्लेषक बाद में एक कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। कीमतों की स्थिरता और अधिकतम रोजगार के अपने दोहरे लक्ष्य (Dual Mandate) के प्रति फेड की प्रतिबद्धता, महंगाई के रुझान और संभावित नेतृत्व संबंधी सवालों के बीच परखी जाएगी।
