US Fed ने ब्याज दरों पर लगाई 'ब्रेक'! ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई चिंता

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
US Fed ने ब्याज दरों पर लगाई 'ब्रेक'! ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई चिंता
Overview

America ki kendriya bank, Federal Reserve (फेडरल रिजर्व) ne apni haaliya FOMC meeting mein byaj daron ko **3.50%-3.75%** ke star par aparivartit rakhne ka faisla kiya hai. Yeh faisla badhti hui mahengaai aur geopalitical (भू-राजनीतिक) anishchitataon ke beech liya gaya hai.

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ब्याज दरें स्थिर, पर महंगाई का डर बढ़ा

Federal Reserve की Federal Open Market Committee (FOMC) ने अपनी मार्च की मीटिंग खत्म करते हुए फेडरल फंड्स रेट को 3.50%-3.75% पर स्थिर रखा है। पॉलिसी मेकर्स इस समय महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को बनाए रखने के बीच एक मुश्किल संतुलन बना रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने अनिश्चितता को बहुत बढ़ा दिया है, जिसने तेल सप्लाई को बाधित किया है और ब्रेंट क्रूड (Brent crude) की कीमतों को लगभग $102 प्रति बैरल तक पहुँचा दिया है। इससे महंगाई फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर जा रही है। हालांकि, 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) के लिए जीडीपी (GDP) ग्रोथ 2.2% रहने का अनुमान है, लेकिन युद्ध की वजह से आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ रहा है। फेडरल रिजर्व का सतर्क रुख फिलहाल सख्त नीतियों को बनाए रखने के पक्ष में है ताकि महंगाई पर काबू पाया जा सके और साथ ही आर्थिक गति को धीमा होने से रोका जा सके।

वैश्विक अस्थिरता के बीच नीतिगत ठहराव

फेडरल रिजर्व जुलाई 2025 से अपनी मौजूदा ब्याज दर सीमा को बनाए हुए है, जब से वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव और भू-राजनीतिक स्थितियां बदल रही हैं। हालिया आंकड़े तनाव बढ़ने से पहले के हैं, जिससे नीति का आकलन और भी जटिल हो गया है। फरवरी 2026 में महंगाई दर 2.4% और जनवरी में कोर पीसीई (Core PCE) 3.1% रही, जो FOMC के लिए लगातार मूल्य दबाव एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। दुनिया भर के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक भी ऐसे ही वैश्विक दबावों का सामना कर रहे हैं और वे भी अपनी ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए हुए हैं।

वॉर्श की नियुक्ति से नेतृत्व पर अनिश्चितता

फेड के नेतृत्व में संभावित बदलाव भविष्य की अनिश्चितता को और बढ़ा रहा है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है, और केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को उनका उत्तराधिकारी नामित किया गया है। वॉर्श की नियुक्ति को अभी सीनेट से पुष्टि मिलनी बाकी है, और इसमें वित्तीय खुलासों तथा चेयर पॉवेल से जुड़े कुछ मामलों के कारण देरी हो सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप पहले से ही ब्याज दरों में बड़ी कटौती के पक्षधर रहे हैं, और वॉर्श की भी ऐसी ही राय है, जो भविष्य में नीतियों को और अधिक ढीला करने का संकेत दे सकती है। फिलहाल, बाज़ारें दिसंबर 2026 तक ब्याज दरों में 47% तक की कटौती की उम्मीद लगा रही हैं, जो पहले कीeasing (ईज़िंग) की अपेक्षाओं से अलग है।

झटकों के बीच नीतिगत भूल की आशंका

बाहरी झटकों और आंतरिक अनिश्चितताओं के कारण फेडरल रिजर्व पर नीतिगत गलतियाँ होने का जोखिम बढ़ गया है। अमेरिका-ईरान संघर्ष का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे महंगाई 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऊर्जा की कीमतों में लगातार वृद्धि से महंगाई को लेकर उम्मीदें और पक्की हो सकती हैं, जिससे फेड को अपनी नीतियों को लंबे समय तक सख्त रखना पड़ सकता है और आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।

वहीं, केविन वॉर्श की नियुक्ति का अटकना फेड के परिचालन जोखिम को बढ़ाता है। सीनेट बैंकिंग कमेटी में उनकी पुष्टि रुकी हुई है, और कुछ सीनेटर चेयर पॉवेल से जुड़े कानूनी मामलों के सुलझने तक इसे ब्लॉक करने की कसम खा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण समय में नीति की निरंतरता को जटिल बना सकता है। हालांकि फेड अपनी स्वतंत्रता के लिए बनाया गया है, लेकिन राजनीतिक जांच और नियुक्ति प्रक्रिया में देरी निर्णय लेने की क्षमता को बाधित कर सकती है।

आर्थिक परिदृश्य खुद भी नाजुक है, जहां 2025 की चौथी तिमाही (Q4 2025) में जीडीपी (GDP) वृद्धि को संशोधित कर 1.4% कर दिया गया है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक व्यापार और निवेश में भी बाधा आने का जोखिम है, जो विकास और महंगाई दोनों को प्रभावित करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.