FPIs की बंपर वापसी, पर IT सेक्टर में AI का कहर! भारतीय बाजार में दिखा बड़ा अंतर

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
FPIs की बंपर वापसी, पर IT सेक्टर में AI का कहर! भारतीय बाजार में दिखा बड़ा अंतर
Overview

फरवरी 2026 के शुरुआती पंद्रह दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी की है। करीब **₹19,675 करोड़** का भारी निवेश आया है, जो पिछले महीनों के बिकवाली के दौर के उलट है। यह तेजी अमेरिका-भारत व्यापार समझौते और वैश्विक आर्थिक चिंताओं में आई नरमी के चलते देखी गई है।

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यह विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा 2025 और 2026 की शुरुआत में हुई भारी बिकवाली का एक बड़ा उलटफेर है। यह निवेश अमेरिका-भारत व्यापार समझौते और वैश्विक आर्थिक चिंताओं में कमी जैसे अनुकूल बाहरी कारकों से प्रेरित है। लेकिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तेजी से हुई प्रगति के कारण सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में हुई भारी बिकवाली ने एक तीखा अंतर पैदा कर दिया है, जिसने व्यापक बाजार की सकारात्मक चाल पर छाया डाल दी है।

बाजार में आई रौनक, FPIs ने फिर दिखाया भरोसा

फरवरी 2026 के पहले पखवाड़े में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अपना पिछला बिकवाली का रुख बदला और भारतीय इक्विटी में लगभग ₹19,675 करोड़ का निवेश किया। यह 2025 में ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी से एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जब वैश्विक व्यापार तनाव और ऊंची वैल्यूएशन का माहौल था। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी महंगाई दर में आई कमी से वैश्विक ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक भावना बढ़ी है, जिससे बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी डॉलर स्थिर हुए हैं। इस बढ़ी हुई जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) का असर उभरते बाजारों (Emerging Markets) पर भी दिख रहा है, जिसमें भारत को खास फायदा हुआ है। घरेलू स्तर पर, स्थिर मैक्रोइकॉनॉमिक संकेत, महंगाई नियंत्रण में रहना और उम्मीदों के अनुरूप कंपनियों के नतीजे (Corporate Earnings) ने भारत की विकास दर (Growth Trajectory) में विश्वास बढ़ाया है। 2026 के यूनियन बजट में किए गए वित्तीय प्रोत्साहन (Fiscal Stimulus) और सेक्टर-विशिष्ट योजनाओं ने भी निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है।

IT सेक्टर पर AI का गहरा असर, शेयरों में भारी गिरावट

जहां बाजार में विदेशी निवेश की अच्छी खबर है, वहीं अंदरूनी तस्वीर बताती है कि बाजार बड़े सेक्टोरल अंतर से जूझ रहा है। भारत के महत्वपूर्ण निर्यात क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तीव्र प्रगति का गंभीर प्रभाव पड़ा है। एंथ्रोपिक (Anthropic) जैसी कंपनियों द्वारा उन्नत AI टूल्स के लॉन्च ने निवेशकों में व्यापक चिंता पैदा कर दी है, जिसके कारण 13 फरवरी 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में Nifty IT इंडेक्स 8.2% गिर गया। इस बिकवाली ने अरबों डॉलर का मार्केट वैल्यू खत्म कर दिया है और पारंपरिक IT सेवा व्यवसाय मॉडल की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो मुख्य रूप से लेबर-इंटेंसिव, बिल-एबल-आवर कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर करता है। फरवरी 2026 के मध्य तक Nifty IT इंडेक्स का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो घटकर लगभग 23.22 रह गया है, जो इसके एक साल के औसत 27.8 से काफी कम है। यह इस सेक्टर में वैल्यूएशन के बड़े पुनर्मूल्यांकन का संकेत देता है। इसकी तुलना में, 13 फरवरी 2026 तक व्यापक Nifty 50 इंडेक्स का P/E रेशियो 22.2 था।

आगे की राह: IT सेक्टर के लिए AI एक चुनौती और अवसर

यह देखा जा रहा है कि AI के बढ़ते कदम IT कंपनियों के पारंपरिक मॉडल के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं। 'एंथ्रोपिक शॉक' - यानी AI टूल्स का जटिल एंटरप्राइज वर्कफ़्लो को स्वचालित रूप से निष्पादित करने की क्षमता - ने चिंता को और बढ़ा दिया है। इसके चलते, IT सेक्टर से FPIs की बिकवाली तेज हुई है। हालांकि, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में टैरिफ में कमी (लगभग 18% से 50% तक) जैसे सकारात्मक कदम कुछ सेक्टरों के लिए व्यापार अनिश्चितता को कम कर सकते हैं, लेकिन IT स्पेस में उभरती संरचनात्मक चुनौतियां काफी गंभीर हैं। भविष्य में, IT कंपनियों को अपने व्यवसाय मॉडल को लेबर-आर्बिट्रेज से हटकर वैल्यू-एडेड सेवाओं और AI इंटीग्रेशन की ओर तेजी से बदलना होगा। शेयर बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय IT फर्म इस AI क्रांति के सामने कितनी जल्दी खुद को ढाल पाती हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.