FIIs की वापसी: भारतीय शेयर बाजार में ₹1,650 करोड़ की खरीदारी, 4 दिन की बिकवाली पर लगी रोक

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AuthorAditya Rao|Published at:
FIIs की वापसी: भारतीय शेयर बाजार में ₹1,650 करोड़ की खरीदारी, 4 दिन की बिकवाली पर लगी रोक

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 21 जुलाई को भारतीय शेयरों में ₹1,650 करोड़ की खरीदारी की, जिससे उनकी लगातार चार दिनों की बिकवाली की चाल पर ब्रेक लग गया। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹657 करोड़ का शुद्ध बिकवाल बनकर बाजार से पैसे निकाले। यह बड़ा बदलाव ऐसे समय में आया है जब निफ्टी (Nifty) और सेंसेक्स (Sensex) कम अस्थिरता के बीच सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं।

Detailed Coverage

विदेशी निवेशकों की हुई वापसी

21 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार बनकर वापसी की है। चार दिनों की लगातार बिकवाली के बाद, FIIs ने भारतीय इक्विटीज़ में ₹1,650.16 करोड़ का निवेश किया, जिससे जुलाई महीने में विदेशी निवेश के प्रवाह को कुछ स्थिरता मिली है।

घरेलू निवेशकों का रुख बदला

जहां विदेशी निवेशक खरीदारी कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बिकवाली का रुख अपनाया। DIIs ने ₹656.88 करोड़ के शेयर बेचे। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि हाल के दिनों में वे बाजार को सहारा दे रहे थे। विदेशी और घरेलू निवेशकों के बीच इस तरह की खरीद-बिकवाली अक्सर बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव का कारण बनती है, क्योंकि एक समूह की बिकवाली दूसरे समूह की खरीदारी से संतुलित हो जाती है।

बाजार और सेक्टर का हाल

ब्रॉडर मार्केट लगातार दूसरे दिन काफी हद तक दायरे में रहा। निफ्टी (Nifty) ने 24,188 पर क्लोजिंग दी, जबकि सेंसेक्स (Sensex) 77,470 पर बंद हुआ। बाजार सहभागियों ने हाल के दिनों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर्स जैसे PSU बैंक्स और IT में मुनाफावसूली देखी। इसके विपरीत, ऑटो, डिफेंस और रियलिटी सेक्टर्स में खरीदारी देखी गई, जिनमें करीब 1% की बढ़त दर्ज की गई। इंडिया VIX, जो बाजार की अस्थिरता का मापक है, गिरकर 12.54 पर आ गया, जो दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

निवेश प्रवाह का संदर्भ

कुल मिलाकर, 2026 के कैलेंडर वर्ष को देखते हुए, हालिया अस्थिरता के बाद FIIs का यह प्रवाह राहत भरा है। भले ही FIIs ने इस जुलाई में पहले ₹7,100 करोड़ से अधिक का निवेश किया था, लेकिन चार दिनों की बिकवाली ने उस प्रगति को काफी हद तक कम कर दिया था। इस साल अब तक, FIIs शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं और उन्होंने लगभग ₹3.48 लाख करोड़ की निकासी की है। इसी अवधि में विदेशी निवेशकों के बाहर निकलने को संतुलित करने के लिए घरेलू निवेशकों ने लगभग ₹4.81 लाख करोड़ का निवेश कर तरलता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि प्रमुख सूचकांक (Indices) वर्तमान दायरे से बाहर निकलने के लिए एक निर्णायक ट्रिगर का इंतजार कर रहे हैं। निफ्टी पर 24,500 या सेंसेक्स पर 78,700 से ऊपर का मूव गति में बदलाव का संकेत दे सकता है, जबकि क्रमशः 24,000 या 76,800 से नीचे गिरना आगे और गिरावट का जोखिम पैदा कर सकता है। निवेशक आने वाले सत्रों में इन निवेश प्रवाहों के विकास पर नज़र रख सकते हैं, क्योंकि FIIs की निरंतर गतिविधि या DIIs की खरीदारी की वापसी से प्रमुख सूचकांकों की अगली दिशा तय होने की संभावना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.