FIIs का Nifty के खिलाफ दांव! Auto सेक्टर रॉकेट, Metals और PSU Banks की गिरी कीमत

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
FIIs का Nifty के खिलाफ दांव! Auto सेक्टर रॉकेट, Metals और PSU Banks की गिरी कीमत
Overview

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की चाल बदल गई है। ये निवेशक अब Nifty के खिलाफ अपनी दांव (short positions) बढ़ा रहे हैं, भले ही ओवरऑल मार्केट मजबूत दिख रहा हो। इस बीच, Auto सेक्टर में शानदार तेजी जारी है, जबकि Metals और PSU Banks के शेयरों पर भारी बिकवाली का दबाव है। हालांकि, PSU बैंक State Bank of India को अभी भी एनालिस्ट्स से 'Strong Buy' रेटिंग मिल रही है।

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विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय शेयर बाजार को लेकर थोड़े सतर्क दिख रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने इंडेक्स फ्यूचर्स में अपनी शॉर्ट पोजिशंस को बढ़ाया है, जो बाजार की आगे की चाल पर उनके भरोसे की कमी का संकेत देता है। यह स्थिति तब है जब Nifty 500 की अधिकांश कंपनियां अपनी 10-दिन की औसत से ऊपर कारोबार कर रही हैं, जो ब्रॉडर मार्केट की मजबूती को दर्शाती है। Nifty 50 इंडेक्स का P/E रेश्यो फिलहाल लगभग 21.16 है, जो इसके 10-साल के औसत 24.79 से कम है, यानी अभी वैल्यूएशन बहुत ज्यादा महंगा नहीं है।

Auto सेक्टर में दिख रहा दम

पिछले चार सालों में, Auto सेक्टर ने Nifty 50 की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। Auto शेयरों में 157.8% की बढ़त देखी गई, जबकि Nifty 50 50.6% बढ़ा। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि 2025 तक यह ट्रेंड जारी रहेगा, जिसकी वजह सेल्स वॉल्यूम का सुधरना और प्रीमियम गाड़ियों की मांग बढ़ना है।

Metals और PSU Banks पर बिकवाली का दबाव

इसके विपरीत, Nifty Metal इंडेक्स में कमजोरी के संकेत दिख रहे हैं। चार्ट पर कुछ रेजिस्टेंस पॉइंट्स इसकी ऊपरी चाल को रोक रहे हैं। पिछले एक साल में 54.84% का रिटर्न देने के बावजूद, मेटल शेयरों का भविष्य थोड़ा अनिश्चित लग रहा है। इन कंपनियों के P/E रेश्यो में काफी अंतर है, Vedanta का P/E लगभग 4.76 है, वहीं JSW Steel का P/E 40 से ऊपर है।

Nifty PSU Bank इंडेक्स भी नाजुक स्थिति में दिख रहा है। State Bank of India (SBI) जैसे बड़े बैंक का P/E लगभग 11.60 है और इसे एनालिस्ट्स से 'Strong Buy' की रेटिंग मिली है, जिसका टारगेट प्राइस लगभग 1,195.90 रुपये है। लेकिन, कई दूसरे PSU बैंक्स जैसे Bank of Baroda का P/E 7.13 और Union Bank का 6.53 है, जो सेक्टर में व्यापक मूल्य निर्धारण दबाव को दर्शाता है।

छुपे हुए रिस्क और आगे का आउटलुक

बाजार की कुछ मजबूती के बावजूद, कुछ बड़े रिस्क बने हुए हैं। FIIs द्वारा बढ़ाई जा रही शॉर्ट पोजिशंस बाजार में करेक्शन (गिरावट) का संकेत दे सकती हैं। Nifty Metal इंडेक्स की तकनीकी कमजोरी और डेरिवेटिव पोजिशंस में गिरावट का बढ़ना चिंताजनक है। PSU बैंक्स, भले ही SBI की तरह NPA कम होने से मजबूत दिख रहे हों, ब्याज दरों और रेगुलेशन में बदलाव के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। ग्लोबल फैक्टर जैसे सप्लाई-डिमांड में बदलाव और जियो-पॉलिटिकल इवेंट्स भी मेटल सेक्टर को प्रभावित करते हैं।

Auto सेक्टर का शानदार प्रदर्शन और Metals व PSU Banks का संघर्ष बाजार में एक तरह का विभाजन दिखाता है। एनालिस्ट्स SBI के लिए सकारात्मक बने हुए हैं, जिसका टारगेट प्राइस अच्छे अपसाइड की ओर इशारा करता है, और Auto सेक्टर से 2025 तक आउटपरफॉर्म करने की उम्मीद है। हालांकि, बाजार की ओवरऑल सेंटीमेंट FIIs के लगातार फ्लो और Metals व PSU Bank सेक्टर में सुधार पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.