EY की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) का एक बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), GenAI, स्पेस टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स जैसे उन्नत क्षेत्रों में लगाना चाहिए। साथ ही, रक्षा क्षेत्र पर ध्यान जारी रखना होगा। फर्म का तर्क है कि टैक्स रिफॉर्म्स के लिए सीमित विकल्प होने के कारण, सीधे सरकारी खर्च (कैपेक्स) के माध्यम से रणनीतिक विकास को बढ़ावा देना सबसे प्रभावी तरीका है। EY का अनुमान है कि सरकार वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटे के 4.4% के लक्ष्य को पूरा कर लेगी, और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.0% का लक्ष्य रखा गया है। इस बीच, Nifty India Defence Index ने पिछले एक साल में लगभग 40% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है, जो इन क्षेत्रों में सरकारी समर्थन की उम्मीद को दर्शाता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां इस फोकस से सीधे लाभान्वित हो सकती हैं। HAL का P/E अनुपात लगभग 34-36 है, जबकि BEL के पास जनवरी 2026 तक लगभग ₹730 बिलियन का एक महत्वपूर्ण ऑर्डर बुक है। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी बड़ी कंपनियां भी रक्षा निर्माण और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में अपनी भूमिका के कारण महत्वपूर्ण हैं, जिनका P/E अनुपात लगभग 32 है। EY का अनुमान है कि भारत की वास्तविक जीडीपी 2026-27 में 6.5% की दर से बढ़ेगी।
EY का सुझाव: कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को AI और रक्षा स्टॉक्स की ओर मोड़ें
ECONOMY
Overview
अर्न्स्ट एंड यंग (EY) ने बजट-पूर्व विश्लेषण में भारत सरकार से पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाने की सिफारिश की है, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और रोबोटिक्स जैसे उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के साथ-साथ रक्षा पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया है। सलाहकार फर्म का मानना है कि टैक्स सुधारों के लिए सीमित गुंजाइश को देखते हुए यह रणनीतिक बदलाव आवश्यक है। EY का अनुमान है कि राजस्व चुनौतियों के बावजूद भारत FY26 के लिए 4.4% राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है, और FY27 के लिए 4.0% का लक्ष्य रखा गया है।
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