पेंशन में भारी बढ़ोतरी की तैयारी
एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) अपने सदस्यों के कल्याण के लिए कई बड़े सुधारों पर विचार कर रहा है। इन प्रस्तावों में न्यूनतम मासिक पेंशन को मौजूदा ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करना शामिल है। लेबर यूनियन और एक संसदीय समिति ने भी इस बढ़ोतरी का समर्थन किया है, जिसका मकसद पेंशनभोगियों को बेहतर आय सुनिश्चित करना है। हालांकि, इतनी बड़ी बढ़ोतरी के लिए सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा और इसकी लंबी अवधि की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठ रहे हैं।
फंड तक आसान पहुँच: एटीेएम विड्रॉवल की सुविधा
EPFO अपने सदस्यों को अब एटीेएम से सीधे फंड निकालने की सुविधा देने की योजना पर भी काम कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन सदस्यों को तुरंत नकदी उपलब्ध कराना है जिन्हें तत्काल पैसों की ज़रूरत है। यह कदम क्लेम सेटलमेंट को और भी तेज़ बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में, EPFO ने 8.31 करोड़ से ज़्यादा क्लेम प्रोसेस किए, जो पिछले साल के 6.01 करोड़ क्लेम से काफी ज़्यादा हैं। ऑटोमेशन की मदद से क्लेम सेटलमेंट का समय काफी कम हो गया है; लगभग 71% एडवांस क्लेम अब तीन दिनों के अंदर सेटल हो रहे हैं, जबकि पहले यह आंकड़ा 59% था। ई-प्राप्ति (E-PRAAPTI) प्लेटफॉर्म आधार के ज़रिए डोर्मेंट अकाउंट्स को आसानी से री-एक्टिवेट करने में भी मदद कर रहा है।
फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए ब्याज दर
EPFO के सदस्य फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए 8.25% ब्याज दर मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसके लिए वित्त मंत्रालय की मंज़ूरी का इंतज़ार है। यह दर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसी अन्य सरकारी योजनाओं के मुकाबले काफी बेहतर है। इस ब्याज दर को बनाए रखने के लिए EPFO को सरकारी सिक्योरिटीज और इक्विटी में अपने निवेश पर अच्छा रिटर्न हासिल करना होगा, खासकर मौजूदा बाज़ार की अस्थिरता और अनिश्चित आर्थिक माहौल के बीच।
संभावित जोखिम और चुनौतियाँ
₹7,500 की न्यूनतम पेंशन बढ़ोतरी के प्रस्ताव में बड़े फिस्कल रिस्क शामिल हैं। इस पर सालाना अरबों रुपये का खर्च आ सकता है, जो सरकारी वित्त और डेफिसिट लक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। जबकि एटीेएम से फंड निकालने की सुविधा से सदस्यों को आसानी होगी, वहीं यह उन्हें अपनी सेवानिवृत्ति बचत को समय से पहले निकालने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकती है। 8.25% की ब्याज दर को बनाए रखना भी एक चुनौती है, जिसके लिए EPFO को बाज़ार के उतार-चढ़ाव और इन्फ्लेशन को प्रभावी ढंग से मैनेज करना होगा। सदस्यों के फायदों और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना EPFO के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।
