क्या आपकी कार E20 फ्यूल इस्तेमाल करती है? जानिए कि क्या यह आपकी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी को रद्द कर सकता है। भारत में, कॉम्प्रीहेंसिव प्लान एक्सीडेंट और चोरी को कवर करते हैं, लेकिन गलत फ्यूल से होने वाले मैकेनिकल नुकसान को नहीं। पुराने वाहनों के मालिकों को अपनी इंजन कम्पैटिबिलिटी जांचनी चाहिए।
Detailed Coverage
E20 फ्यूल और आपकी कार: क्या है नया नियम?
भारत में E20 फ्यूल (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। खासकर पुराने मॉडल की कार चलाने वाले ग्राहकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इससे उनकी कार की हेल्थ पर असर पड़ेगा और क्या उनका इंश्योरेंस कवर बना रहेगा?
सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का क्या कहना है?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री, सुरेश गोपी ने हाल ही में संसद में बताया कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ियों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है। ऑटोमोबाइल निर्माता धीरे-धीरे अपने इंजन को E20 फ्यूल के लिए तैयार कर रहे हैं, और कई नई गाड़ियां पहले से ही E20 सर्टिफाइड हैं।
इंश्योरेंस पॉलिसी पर क्या होगा असर?
इंश्योरेंस कंपनियों और सरकारी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि E20 फ्यूल का इस्तेमाल करने से आपकी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी ऑटोमैटिकली वॉइड (रद्द) नहीं होगी। स्टैंडर्ड कॉम्प्रीहेंसिव मोटर इंश्योरेंस प्लान एक्सीडेंट, चोरी जैसी घटनाओं को कवर करते रहेंगे, भले ही आप E20 फ्यूल का इस्तेमाल करें।
कब रिजेक्ट हो सकती है आपकी क्लेम?
यह समझना ज़रूरी है कि मोटर इंश्योरेंस खास 'इंश्योर्ड पेरिल्स' जैसे एक्सीडेंट, आग, चोरी या प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान को कवर करता है। यह इंजन या इलेक्ट्रिकल ब्रेकडाउन, या सामान्य टूट-फूट (wear and tear) को कवर नहीं करता।
अगर आपकी कार का इंजन या फ्यूल पंप खराब हो जाता है, तो इंश्योरेंस सर्वेयर नुकसान का कारण पता लगाते हैं। अगर यह खराब फ्यूल (जैसे E20, अगर आपकी कार इसके लिए कम्पैटिबल नहीं है) के इस्तेमाल या सामान्य टूट-फूट के कारण हुआ है, तो इसे मेंटेनेंस का मसला माना जाएगा, न कि इंश्योर्ड एक्सीडेंट। ऐसी स्थिति में, रिपेयर का खर्चा आपकी पॉलिसी के दायरे से बाहर होगा।
पुराने व्हीकल मालिकों के लिए सलाह: अपनी कार के मैन्युफैक्चरर की गाइडलाइन्स ज़रूर चेक करें या ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर से संपर्क करें कि क्या आपकी गाड़ी E20 फ्यूल के लिए कम्पैटिबल है। भविष्य में, क्लेम के समय एक्सीडेंटल डैमेज और मैकेनिकल फेलियर के बीच का अंतर सबसे महत्वपूर्ण होगा।
