डॉलर पर संकट: पीटर शिफ़ की भविष्यवाणी - सोने की बढ़ती कीमतों के बीच ऐतिहासिक आर्थिक पतन!

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
डॉलर पर संकट: पीटर शिफ़ की भविष्यवाणी - सोने की बढ़ती कीमतों के बीच ऐतिहासिक आर्थिक पतन!
Overview

अर्थशास्त्री पीटर शिफ़ ने आने वाले समय में अमेरिका में बड़े आर्थिक पतन की चेतावनी दी है, और कहा है कि अमेरिकी डॉलर का प्राथमिक रिज़र्व एसेट के तौर पर राज ख़त्म हो रहा है। बढ़ती सोने की कीमतें, केंद्रीय बैंकों का अमेरिकी ट्रेज़री से सोना ख़रीदना, और डॉलर का कमज़ोर पड़ना - इन सबको उन्होंने इसके संकेत बताया है। शिफ़ का मानना है कि यह वैश्विक वित्त में एक बड़ा बदलाव है, जो संभावित रूप से अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के क्रैश होने का कारण बन सकता है।

अर्थशास्त्री पीटर शिफ़ ने अमेरिकी डॉलर के भविष्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जो एक आसन्न 'ऐतिहासिक आर्थिक पतन' की भविष्यवाणी कर रहे हैं। उनका तर्क है कि दुनिया की प्राथमिक आरक्षित संपत्ति (reserve asset) के रूप में डॉलर का प्रभुत्व समाप्त हो रहा है, और सोने का स्थान लेने की संभावना है। शिफ़ का अनुमान है कि अमेरिकी डॉलर अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले महत्वपूर्ण रूप से गिरेगा, जो वैश्विक आर्थिक मंच पर अमेरिका की 'फ्री राइड' का अंत होगा।

शिफ़ अपने निराशावादी दृष्टिकोण के लिए कई बाजार रुझानों को सबूत के तौर पर देखते हैं। सोने की बढ़ती कीमतें, केंद्रीय बैंकों का अमेरिकी ट्रेज़रीज़ (US Treasuries) से धन निकालकर सोने में निवेश करना, और डॉलर का आम तौर पर कमजोर पड़ना - इन सबको वे महत्वपूर्ण संकेतक बताते हैं। उनके अनुसार, ये संकेत अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मूलभूत ताकत में बढ़ते विश्वास की कमी को दर्शाते हैं।

लेख में डॉलर की 'सुरक्षित आश्रय' (safe-haven) अपील में कमी को उजागर किया गया है। स्विस फ्रैंक के मुकाबले इसका 14 साल का निम्न स्तर निवेशक विश्वास में गिरावट का सबूत है। लगातार मुद्रास्फीति (inflation), बढ़ती ब्याज दरें (interest rates), और बढ़ती अमेरिकी आर्थिक और राजकोषीय अस्थिरता (fiscal instability) इस कमजोरी के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं।

यूएस डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) में एक बड़ी गिरावट आई है, जो दिसंबर 2025 के अंत तक लगभग 9.4% गिर गया है, जो दो दशकों में इसका सबसे खराब सालाना प्रदर्शन है। मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) डेटा के बावजूद, बाजार की उम्मीदें 2026 में फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा और ब्याज दरों में कटौती की हैं, जो डॉलर पर और दबाव डालेगी, जबकि अन्य केंद्रीय बैंक दरें बनाए रख सकते हैं या बढ़ा सकते हैं।

एचएसबीसी (HSBC) विश्लेषकों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अप्रत्याशित टैरिफ नीतियां और फेडरल रिजर्व पर उनका बढ़ता प्रभाव भी अमेरिकी संपत्तियों और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता में निवेशक विश्वास को कम कर रहा है।

एक महत्वपूर्ण वैश्विक वित्तीय विकास यह है कि केंद्रीय बैंक सोने में अपने भंडार (reserves) का आवंटन बढ़ा रहे हैं। लगभग 30 वर्षों में पहली बार, वैश्विक केंद्रीय बैंकों के पास अब अमेरिकी ट्रेज़रीज़ (US Treasuries) से अधिक सोना है। 2025 के अंत के आंकड़ों से पता चलता है कि केंद्रीय बैंकों के पास लगभग 36,000 मीट्रिक टन सोना है, जिसका मूल्य लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि अमेरिकी ट्रेज़रीज़ का मूल्य 3.5 ट्रिलियन डॉलर है। अप्रैल 2025 से, विदेशी केंद्रीय बैंकों ने अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स को लगभग 183 बिलियन डॉलर तक कम कर दिया है, और फंड को सोने में पुनः आवंटित किया है।

शिफ़ सोने और चांदी की रिकॉर्ड तोड़ कीमतों को बाजार की तेजी नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी मानते हैं। उनका सुझाव है कि कीमती धातुओं की कीमतों में यह आसमान छूता उछाल अमेरिकी अर्थव्यवस्था की नींव में विश्वास की कमी का संकेत है, और इसके बाद उपभोक्ता कीमतों (consumer prices), बॉन्ड यील्ड (bond yields), और बेरोजगारी (unemployment) में भी वृद्धि होगी।

अमेरिका की राजकोषीय स्थिति (fiscal position) एक बड़ी चिंता का विषय है, जिसका संघीय बजट घाटा (federal budget deficit) अनुमानित 1.74 ट्रिलियन डॉलर (नवंबर 2024 - अक्टूबर 2025) है और राष्ट्रीय ऋण (national debt) 37 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। इस वजह से कई केंद्रीय बैंक अमेरिकी ट्रेज़रीज़ की दीर्घकालिक सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। डी-डॉलराइजेशन (de-dollarization) की प्रवृत्ति, जो 2022 में अमेरिकी द्वारा रूसी संपत्तियों को फ्रीज करने के बाद तेज हुई, देशों को प्रतिबंधों के जोखिमों को कम करने और डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए भंडार में विविधता लाने पर मजबूर कर रही है।

टैवी कोस्टा (Tavi Costa) जैसे मैक्रो रणनीतिकार वर्तमान माहौल और 1970 के दशक के बीच समानताएं देखते हैं, जिसमें मुद्रास्फीति, मौद्रिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक बदलाव केंद्रीय बैंकों को सोने की ओर धकेल रहे हैं। कोस्टा केंद्रीय बैंक होल्डिंग्स में बदलाव को एक 'महत्वपूर्ण मील का पत्थर' मानते हैं, जो वैश्विक आरक्षित संरचना (global reserve composition) में दीर्घकालिक संरचनात्मक परिवर्तन का संकेत है।

सभी विशेषज्ञ शिफ़ की गंभीर भविष्यवाणियों से सहमत नहीं हैं। पत्रकार पॉल ब्लस्टीन (Paul Blustein) का तर्क है कि डॉलर के पतन की भविष्यवाणियां दशकों से की जा रही हैं और ऐतिहासिक रूप से गलत साबित हुई हैं। उनका मानना है कि डॉलर की प्रमुख स्थिति और वित्तीय प्रतिबंध (financial sanctions) लगाने की अमेरिका की क्षमता बनी रहेगी। हालांकि, शिफ़ इस बात पर दृढ़ हैं कि वर्तमान परिस्थितियां अलग हैं और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में एक मौलिक परिवर्तन का संकेत दे रही हैं।

यह खबर मुद्रा बाजारों में अस्थिरता (volatility) को बढ़ा सकती है, विशेष रूप से प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर (exchange rate) को प्रभावित कर सकती है। यह सोने और अन्य सुरक्षित आश्रय संपत्तियों (safe-haven assets) में और अधिक निवेश को भी बढ़ावा दे सकती है, जिससे वस्तुओं की कीमतों (commodity prices) और वैश्विक निवेश प्रवाह (global investment flows) पर असर पड़ सकता है। अमेरिकी डॉलर व्यापार या भंडार पर अत्यधिक निर्भर देशों के लिए, ऐसे बदलाव के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक समायोजन की आवश्यकता हो सकती है। यदि आर्थिक पतन की भविष्यवाणी सच होती है, तो इसके गहरे वैश्विक परिणाम होंगे।
Impact Rating: 7/10.
Difficult Terms Explained:

  • Reserve Asset: आरक्षित संपत्ति
  • Fiat Currency: फिएट मुद्रा
  • US Dollar Index: यूएस डॉलर इंडेक्स
  • Federal Reserve: फेडरल रिजर्व
  • US Treasuries: यूएस ट्रेज़रीज़
  • Fiscal Position: राजकोषीय स्थिति
  • De-dollarization: डी-डॉलराइजेशन
  • Sanctions: प्रतिबंध
Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.