भारतीय शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन तेजी देखी गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी लौटने और रुपये के मजबूत होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसी बीच, रक्षा मंत्रालय ने सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए ₹52,000 करोड़ के नए रक्षा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी है, जिससे घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बाजार में दिखी मजबूती
शुक्रवार, 3 जुलाई, 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त बनाए रखी। NSE Nifty और BSE Sensex दोनों में उछाल देखा गया। BSE Sensex 262 अंक चढ़कर 24,250 के पार बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बाजार में वापसी और भारतीय रुपये के मजबूत होने से निवेशकों का सेंटिमेंट सकारात्मक रहा। एक्सचेंजों से मिले शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने करीब ₹1,355.33 करोड़ का निवेश किया है।
रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण के लिए करीब ₹52,000 करोड़ की नई पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। यह फैसला देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के सरकारी इरादे को दर्शाता है।
रक्षा खर्च का असर
₹52,000 करोड़ का यह आवंटन सैन्य तैयारियों को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। निवेशकों के लिए, यह रक्षा निर्माण, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स और नौसेना इंजीनियरिंग से जुड़ी कंपनियों के लिए एक बड़े ऑर्डर पाइपलाइन का संकेत है। हालांकि, इन कंपनियों पर वास्तविक वित्तीय प्रभाव विशिष्ट ऑर्डर आवंटन, निष्पादन समय-सीमा और लाभ मार्जिन बनाए रखने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगा। निवेशकों को यह जानने के लिए कि कौन सी कंपनियां इस आवंटन से लाभान्वित होंगी, आधिकारिक अनुबंध खुलासे पर नजर रखनी चाहिए।
बाजार सेंटिमेंट और आर्थिक संकेत
बाजार की यह तेजी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में 19 पैसे की मजबूती से भी समर्थित थी। यह मजबूती अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों के कमजोर रहने से जुड़ी है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तत्काल वृद्धि की उम्मीदें कम हो गई हैं। इससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव कम हुआ है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), रियल एस्टेट (Realty) और फार्मा (Pharma) शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks) में कुछ बिकवाली देखी गई, जो दर्शाता है कि बाजार की यह रैली सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं थी।
ऑटो और टेक सेक्टर में नई नीतियां
रक्षा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ, सरकार ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) को तेजी से अपनाने के लिए ₹15,000 करोड़ की EV नीति को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा, सरकार ने तीन चीनी मूल के बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनके बारे में कथित तौर पर ई-रिक्शा को दूर से अक्षम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। यह भारत में कम लागत वाले EV सेगमेंट की सुरक्षा और संरक्षा पर बढ़ते नियामक जांच को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
रक्षा क्षेत्र के शेयरों के लिए, प्रमुख निगरानी योग्य बिंदु औपचारिक अनुबंध प्रदान करने की समय-सीमा और उसके बाद ऑर्डर बुक पर पड़ने वाला प्रभाव होगा। व्यापक बाजार के संबंध में, निवेशक इस बात पर ध्यान दे सकते हैं कि FIIs अपनी खरीदारी की प्रवृत्ति जारी रखते हैं या यह केवल एक अस्थायी बदलाव था। इसके अतिरिक्त, EV क्षेत्र के लिए, ध्यान इस बात पर रहेगा कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास नई नीति लक्ष्यों के साथ कैसे संरेखित होता है और क्या सरकार की विशिष्ट सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों के खिलाफ नियामक कार्रवाई कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करती है।
