कच्चे तेल में आग, भारतीय बाज़ार बेहाल! Sensex 500+ गिरा, Nifty 24K के नीचे

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
कच्चे तेल में आग, भारतीय बाज़ार बेहाल! Sensex 500+ गिरा, Nifty 24K के नीचे
Overview

अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कमजोरी और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी के चलते आज भारतीय शेयर बाज़ार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे BSE Sensex 500 से ज़्यादा अंक फिसल गया, वहीं NSE Nifty 24,000 के स्तर से नीचे आ गया।

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मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई बाज़ार की टेंशन

आज सुबह भारतीय शेयर बाज़ार भारी गिरावट के साथ खुले, जिसका मुख्य कारण वैश्विक बाज़ारों में देखी जा रही कमजोरी रही। सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव का फिर से बढ़ना रहा, जिसने ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतों को करीब $113 प्रति बैरल तक पहुंचा दिया। इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम ने निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया, जिससे हाल के राज्य चुनावों की सकारात्मकता भी फीकी पड़ गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट

शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 524 अंक यानी 0.67% की गिरावट के साथ 76,745 पर कारोबार कर रहा था। बैंकिंग और फाइनेंसियल शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसने आईटी (IT) और टेलीकॉम शेयरों में हुई थोड़ी-बहुत खरीदारी पर भी पानी फेर दिया। NSE Nifty भी 170 अंक यानी 0.7% टूटकर 23,949 के स्तर पर आ गया। मार्केट की वोलैटिलिटी (Volatility) यानी इंडिया VIX 2.39% बढ़कर 18.74 हो गई, जो निवेशकों की बढ़ती घबराहट और कीमतों में और उतार-चढ़ाव की आशंका का संकेत दे रही है।

सेक्टर्स में बिकवाली, कुछ को मिली राहत

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 22 कंपनियों के शेयर लाल निशान में थे। बैंकिंग और फाइनेंसियल शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। HDFC बैंक 1.39%, ICICI बैंक 1.27% और Kotak Mahindra बैंक 1.26% तक गिर गए। Nifty प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.56% और Nifty फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.61% नीचे आ गया। रियलटी शेयरों में भी कमजोरी दिखी, Nifty रियलटी इंडेक्स 0.54% लुढ़क गया। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) 1% से ज़्यादा की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा। इंफोसिस (Infosys) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसे आईटी दिग्गज और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बाज़ार को कुछ सहारा दिया। Nifty IT, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर हल्के हरे निशान में थे, जबकि Nifty मीडिया में 1% से ज़्यादा की तेजी देखी गई।

विश्लेषकों की राय: अब जियो-पॉलिटिक्स पर फोकस

Geojit Financial Services के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट V K विजयकुमार ने कहा कि बाज़ार अब चुनावी नतीजों से आगे बढ़कर पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) में बढ़ोतरी और कमजोर पड़ता रुपया (Rupee) फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) के फ्लो को भी प्रभावित कर रहा है। Motilal Oswal का मानना है कि राज्य चुनावों के नतीजे नीतिगत निरंतरता का संकेत देते हैं, लेकिन बाज़ार जल्द ही भू-राजनीतिक जोखिमों (Geopolitical Risks) और चल रहे Q4 अर्निंग्स सीजन (Earnings Season) पर ध्यान केंद्रित करेगा। Enrich Money के CEO Ponmudi R ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है, उन्होंने कहा कि लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता (Geopolitical Uncertainty) और वैश्विक जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (Global Risk Aversion) बाज़ार में और तेजी की संभावनाओं को सीमित कर रही है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.