बजट के बाद शेयर बाजार में हाहाकार
Union Budget 2026 के ऐलान के साथ ही भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया। 1 फरवरी, 2026 को सेंसेक्स (Sensex) 1,546.84 अंकों यानी 1.88% की भारी गिरावट के साथ 80,722.94 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 495.20 अंकों या 1.96% की कमजोरी के साथ 24,825.45 के स्तर पर आ गया। इस भारी बिकवाली के चलते BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹6.6 लाख करोड़ घट गया।
डेरिवेटिव्स पर STT Hike का असर
बाजार में आई इस तेज गिरावट का सबसे बड़ा कारण फाइनेंस मिनिस्टर द्वारा डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स (Futures) और ऑप्शंस (Options) पर सरप्राइज Securities Transaction Tax (STT) बढ़ाना रहा। फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया, जबकि ऑप्शंस प्रीमियम पर इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर STT को 0.15% तक बढ़ाया गया है, जो पहले करीब 0.1% या 0.125% था। इस कदम को स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग (Speculative Trading) पर लगाम लगाने और रेवेन्यू बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इसने एक्टिव ट्रेडर्स (Active Traders), हेजर्स (Hedgers) और आर्बिट्रेजर्स (Arbitrageurs) के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट (Transaction Cost) को सीधा बढ़ा दिया, जिससे मार्केट में तत्काल बिकवाली शुरू हो गई।
VIX में आई तूफानी तेजी
मार्केट में इस भारी गिरावट के साथ ही इंडिया VIX (India VIX), जो बाजार की अस्थिरता (Volatility) का मुख्य पैमाना है, उसमें भी तेज उछाल देखा गया। VIX करीब 11% बढ़कर 15.09 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि इंट्रा-डे में यह 16.11 के आठ महीने के उच्चतम स्तर को छू गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि VIX में यह बढ़ोतरी ट्रेडर्स के बीच बढ़ती अनिश्चितता और घबराहट का संकेत है।
ब्रॉडर मार्केट और सेक्टर्स पर भी गिरी गाज
यह बिकवाली सिर्फ बड़े इंडेक्स तक ही सीमित नहीं रही। मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) जैसे ब्रॉडर मार्केट सेगमेंट में भी भारी गिरावट आई, जिनमें से कुछ 2-3% तक नीचे गिर गए। ब्रोकरेज (Brokerage) और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर (Market Infrastructure) से जुड़ी कंपनियों, जैसे BSE लिमिटेड और MCX, के शेयरों पर भी दबाव देखा गया। सेक्टर्स की बात करें तो PSU बैंक्स और मेटल स्टॉक्स में सबसे ज्यादा (3.1% से अधिक) गिरावट आई। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, FMCG और केमिकल सेक्टर्स में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ी
मार्केट का सेंटिमेंट (Sentiment) विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से लगातार हो रही बिकवाली से और खराब हो गया। 2025 में FIIs करीब $23 बिलियन और जनवरी 2026 में $4 बिलियन से ज्यादा की रकम भारतीय इक्विटी से निकाल चुके थे। बजट में विदेशी निवेशकों के लिए कोई खास नए इंसेंटिव (Incentives) न होने और ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ने से यह चिंता और बढ़ गई। बजट में फॉरेन इंडिविजुअल्स (Foreign Individuals) को पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम (Portfolio Investment Scheme) के तहत सीधे भारतीय इक्विटी में निवेश की इजाजत देने जैसे प्रस्ताव थे, लेकिन STT Hike के तुरंत निगेटिव रिएक्शन के चलते यह खबर दब गई।
जानकारों की राय
मार्केट एनालिस्ट्स (Analysts) का कहना है कि VIX का बढ़ना यह दिखाता है कि ट्रेडर्स बढ़ी हुई अस्थिरता के लिए तैयार हैं। PlusCash के फाउंडर और CEO, Pranav Koomar, ने सलाह दी है कि निवेशकों को क्वालिटी स्टॉक्स (Quality Stocks) पर फोकस करना चाहिए और स्टॉप-लॉस (Stop-loss) डिसिप्लिन बनाए रखना चाहिए। INVasset PMS के रिसर्च एनालिस्ट, Kalp Jain, ने कहा कि ऐसे वोलेटाइल फेज (Volatile Phase) में मार्केट सेलेक्टिव हो जाता है और स्टॉक-स्पेसिफिक मूवमेंट्स (Stock-specific Movements) ज्यादा अहम हो जाते हैं। कुल मिलाकर, मार्केट में विश्वास पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है और आगे भी रोटेशनल मूव्स (Rotational Moves) दिख सकते हैं।