सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने आज भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट का कारण बना। इस फैसले ने मार्केट का मूड तुरंत बदल दिया और बिकवाली का ऐसा दौर चला कि शेयर बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी, लाल निशान में गहरे डूब गए।
STT का झटका
ट्रेडर्स (Traders) के लिए सबसे बड़ा झटका डेरिवेटिव्स (derivatives) पर STT की दरों में बढ़ोतरी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्यूचर्स (futures) पर टैक्स 0.02% से बढ़कर 0.05% हो गया, वहीं ऑप्शंस (options) पर यह 0.01% से उछलकर 0.15% पर पहुंच गया। मार्केट एनालिस्ट्स (Analysts) का कहना है कि भले ही ये प्रतिशत छोटे लगें, लेकिन ये हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स (High-Frequency Traders) और आर्बिट्रेजर्स (Arbitrageurs) के लिए ट्रेडिंग की लागत में भारी इजाफा है, जो बहुत कम मार्जिन पर काम करते हैं। इसी वजह से बाजार में तुरंत भारी बिकवाली देखी गई, जिसमें सेंसेक्स अपने इंट्राडे हाई से 2,300 पॉइंट से ज्यादा गिर गया और निफ्टी 50 में भी बड़ी गिरावट आई। इसी के साथ, वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में भी उछाल देखा गया, जो निवेशकों की बढ़ी हुई घबराहट को दर्शाता है।
बजट के बड़े ऐलान
बाजार की इस नकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद, वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पेश किए गए यूनियन बजट (Union Budget) में फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) को जीडीपी के 4.3% तक सीमित रखने और पब्लिक कैपेक्स (Public Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने जैसे अहम लक्ष्य रखे गए थे। सरकार का जोर इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) और MSME सेक्टर को बढ़ावा देने पर था, जिसका मकसद लंबी अवधि की ग्रोथ हासिल करना था। लेकिन, इन ग्रोथ-ओरिएंटेड योजनाओं पर डेरिवेटिव्स मार्केट पर पड़े टैक्स के तत्काल असर भारी पड़ गया।
ऐतिहासिक तुलना और बाजार की चाल
ऐतिहासिक रूप से, बजट वाले दिन बाजार की चाल थोड़ी वोलेटाइल (volatile) रही है और यह हमेशा मीडियम-टर्म ट्रेंड्स का सटीक संकेत नहीं देती। हालांकि, इस बार की बिकवाली की गंभीरता काफी ज्यादा है, क्योंकि यह पिछले 6 सालों में बजट डे पर सबसे बड़ी गिरावट और FY21 के बाद सबसे तेज गिरावट रही है। एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार जल्द ही STT Hike के असर को पचा लेगा, लेकिन इस प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रांजैक्शन कॉस्ट (Transaction Cost) को लेकर ट्रेडर्स काफी संवेदनशील हैं। मौजूदा समय में, निफ्टी 50 का P/E रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 22.0 के आसपास है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) करीब ₹202.73 लाख करोड़ है। कुल मिलाकर, भले ही बजट में निवेश-आधारित विस्तार पर जोर दिया गया हो, लेकिन मार्केट का सेंटिमेंट (Sentiment) नए टैक्स ढांचे के तत्काल लागत प्रभाव पर ही टिका रहा।