बजट 2026: खास सेक्टर्स और राज्यों पर सरकार का फोकस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026 पेश करते हुए साफ कर दिया है कि इस बार सरकार का जोर broad populism (लोकप्रिय वादे) पर नहीं, बल्कि targeted economic stimulus (लक्षित आर्थिक प्रोत्साहन) पर रहेगा। बजट में key states (प्रमुख राज्यों) और high-potential sectors (उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों) के लिए खास आवंटन किए गए हैं, जो चुनावी मौसम के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी गति देंगे।
खेती-किसानी और तटीय अर्थव्यवस्थाओं को बूस्ट
बजट में देश की कृषि विविधता को बढ़ाने और तटीय समुदायों की आय में इज़ाफ़ा करने पर ज़ोर दिया गया है। केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए खास योजनाएं लाई गई हैं, क्योंकि इसकी मांग और आय क्षमता अच्छी है। इसी के साथ, मत्स्य पालन (fisheries) सेक्टर को भी बड़ा सहारा मिला है। Exclusive Economic Zones (EEZs) और खुले समुद्र (high seas) में पकड़ी गई मछलियों को ड्यूटी से छूट दी गई है। विदेशी बंदरगाहों में बिक्री को एक्सपोर्ट (export) माना जाएगा, जिससे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के मछुआरा समुदायों की आय में ज़बरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद है। कुल मिलाकर, कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए ₹1.63 लाख करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है, जिसमें हाई-वैल्यू फसलों और मत्स्य पालन के लिए जलाशयों के विकास पर ज़ोर है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
Growth strategy (विकास रणनीति) का एक अहम हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बनाया गया है। Financial Year 2026-27 के लिए public capital expenditure (सार्वजनिक पूंजीगत व्यय) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। इसमें चेन्नई, सिलीगुड़ी और वाराणसी जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले सात नए high-speed rail corridors (हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर) का ऐलान एक बड़ी घोषणा है। इसके अलावा, 20 नए National Waterways (राष्ट्रीय जलमार्ग) को शुरू किया जाएगा और कार्गो को सड़क व रेल से जलमार्गों पर शिफ्ट करने के लिए Coastal Cargo Promotion Scheme (कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम) लॉन्च की जाएगी। इन पहलों से लॉजिस्टिक्स (logistics) सुव्यवस्थित होंगे और भारत की वैश्विक व्यापार में competitiveness (प्रतिस्पर्धा) बढ़ेगी।
मार्केट में शुरुआती घबराहट, फिर तेजी की उम्मीद
Budget 2026 की घोषणा 1 फरवरी, 2026 को हुई, जिसके बाद शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजारों में थोड़ी घबराहट दिखी। BSE Sensex और NSE Nifty 50 में गिरावट दर्ज की गई, जिसका एक मुख्य कारण derivatives trading (डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग) पर Securities Transaction Tax (STT) में बढ़ोतरी को माना गया। हालांकि, कई सेक्टर्स ने मजबूती दिखाई। 'Biopharma Shakti' जैसी पहलों और नए फार्मास्युटिकल संस्थानों के साथ, bio-pharma sector (बायोफार्मा सेक्टर) में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बढ़े हुए पूंजीगत व्यय का सीधा फायदा मिलेगा। जबकि STT hike (ब hike) ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित कर सकती है, विश्लेषकों का मानना है कि लॉन्ग-टर्म कैपिटल एक्सपेंडिचर और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स (structural reforms) पर बजट का फोकस भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए पॉजिटिव है। Financial Year 2026-27 के लिए fiscal deficit (राजकोषीय घाटा) का लक्ष्य GDP का 4.3% रखा गया है, जो विकास के साथ-साथ राजकोषीय विवेक को भी दर्शाता है।