बजट की नीतियों और बाजार की घबराहट का संगम
1 फरवरी को Union Budget 2026 के पेश होने के साथ ही बाजार में तुरंत उथल-पुथल मच गई। प्रस्तावों की घोषणा के तुरंत बाद Nifty 50 और BSE Sensex दोनों इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बजट में मैन्युफैक्चरिंग (manufacturing) को बढ़ावा देने, इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) में निवेश बढ़ाने और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को मजबूत करने जैसे दूरदर्शी एजेंडे पर जोर दिया गया। FY27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का लक्ष्य सरकार की लंबी अवधि की क्षमता निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, इस नीतिगत दिशा पर डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बड़ी बढ़ोतरी की वजह से बाजार ने तुरंत नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) का सरदर्द
बाजार की सबसे तीखी और तुरंत प्रतिक्रिया डेरिवेटिव्स पर STT दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी से आई। फ्यूचर्स (futures) पर टैक्स को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया, और ऑप्शंस प्रीमियम (options premium) व एक्सरसाइज (exercise) की दरों को बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। इसका मकसद अत्यधिक सट्टेबाजी को कम करना बताया गया है, खासकर रिटेल ट्रेडर्स (retail traders) के बीच, जो अक्सर इस सेगमेंट में नुकसान उठाते हैं। इस बढ़ोतरी से सीधे तौर पर ट्रेडिंग कॉस्ट (trading cost) बढ़ी है, जिससे ब्रोकरेज फर्मों (brokerage firms) और स्टॉक एक्सचेंजों (stock exchanges) पर तत्काल दबाव देखा गया, क्योंकि ट्रेडिंग वॉल्यूम (trading volumes) में कमी की चिंताएं बढ़ गईं।
ब्रोकरेज की राय और कमाई के अनुमान
Motilal Oswal Financial Services के हेड ऑफ रिसर्च - इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, गौतम दुग्गड (Gautam Duggad) ने एक संतुलित नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि बजट के कारण बेंचमार्क इंडेक्स (benchmark indices) के लिए कमाई के अनुमानों (earnings estimates) में तत्काल संशोधन की आवश्यकता नहीं है। दुग्गड के अनुसार, बजट आमतौर पर पॉलिसी स्टेटमेंट होते हैं, न कि कमाई में बड़े बदलाव के वाहक, जब तक कि वे बड़े संरचनात्मक सुधारों के साथ न आएं, जो 2026 के बजट के मामले में नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट की घोषणाएं ज्यादातर सेक्टर-विशिष्ट (sector-specific) और बॉटम-अप (bottom-up) थीं, जिससे निफ्टी कंपनियों की समग्र कमाई पर कोई व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, उनके विश्लेषण से यह भी संकेत मिलता है कि फ्यूचर्स वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है, लेकिन ऑप्शंस ट्रेडिंग गतिविधि में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
सेक्टर्स की मजबूती और फाइनेंशियल सर्विसेज का जोर
बजट से प्रेरित अस्थिरता के बावजूद, कॉर्पोरेट परफॉरमेंस (corporate performance) और मीडियम-टर्म प्रॉस्पेक्ट्स (medium-term prospects) पर ध्यान केंद्रित है। ऑटो (Auto), कैपिटल गुड्स (capital goods), नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज (NBFCs), मेटल्स (metals) और रिटेल (retail) जैसे कई प्रमुख सेक्टर्स ने लगातार अच्छी कमाई दर्ज की है। उदाहरण के लिए, NBFCs से मजबूत कमाई की उम्मीद है, ICRA के अनुसार FY2026-FY2027 में एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के विस्तार और नियंत्रित क्रेडिट कॉस्ट (credit costs) के चलते लाभप्रदता अच्छी रहने की उम्मीद है। मेटल्स सेक्टर में भी मजबूत लॉन्ग-टर्म और हालिया परफॉरमेंस मेट्रिक्स देखे गए हैं। कैपिटल गुड्स को बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) के लिए बढ़े आवंटन से बढ़ावा मिल सकता है।
वैल्यूएशंस और FY27 की ग्रोथ की राह
बाजार वैल्यूएशंस (market valuations), जिसे निफ्टी पी/ई रेश्यो (Nifty P/E ratio) से मापा जाता है, फिलहाल लगभग 22-23 times के आसपास है, जो ऐतिहासिक औसत के अनुरूप है। इस पृष्ठभूमि में, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (FY27) के लिए कमाई की ग्रोथ (earnings growth) के अनुमान 15-17% के आसपास बने हुए हैं। व्यापक आर्थिक अनुमान भी लगातार ग्रोथ की ओर इशारा करते हैं, जिसमें FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ (real GDP growth) 6.8-7.2% की सीमा में रहने का अनुमान है। Motilal Oswal Financial Services का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) लगभग ₹43,726 करोड़ है और हाल ही में इसके शेयर प्राइस में कुछ गिरावट देखी गई है, जो पिछले क्लोज ₹753.55 के मुकाबले ₹722.15 के आसपास कारोबार कर रहा है।
फंडामेंटल्स पर वापसी
जैसे-जैसे बजट से जुड़े शुरुआती चर्चे कम होंगे, बाजार का ध्यान फिर से मुख्य कमाई (core earnings) और फंडामेंटल एनालिसिस (fundamental analysis) पर लौटने की उम्मीद है। विभिन्न सेक्टर्स में लगातार परफॉरमेंस और फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए पॉजिटिव स्ट्रक्चरल ग्रोथ ड्राइवर्स (structural growth drivers) यह सुझाव देते हैं कि बाजार की लंबी अवधि की दिशा इन्हीं अंतर्निहित आर्थिक कारकों द्वारा तय होती रहेगी। हालांकि Union Budget 2026 की तत्काल प्रतिक्रिया ने STT जैसे ट्रांजैक्शनल कॉस्ट (transactional costs) के प्रति बाजार की संवेदनशीलता को उजागर किया, लेकिन एनालिस्ट कंसेंसस (analyst consensus) एक मजबूत FY27 कमाई के दृष्टिकोण का समर्थन करता है, जो व्यापक कैपिटल मार्केट (capital market) पर एक सकारात्मक नजरिया बनाए रखता है।