Union Budget 2026-27 के फिस्कल अनुमानों में कुछ विसंगतियां सामने आ रही हैं, जो बाजारों में हलचल मचाने लगी हैं। Axis Bank के चीफ इकोनॉमिस्ट Neelkanth Mishra के अनुसार, फाइनेंस मिनिस्टर Nirmala Sitharaman द्वारा पेश किए गए बजट का लक्ष्य आर्थिक स्थिरता और फिस्कल डिसिप्लिन बनाए रखना है, लेकिन सरकार के भविष्य के वित्तीय आकलन में कुछ चुनौतियां दिख रही हैं।
उधारी और बॉन्ड यील्ड्स पर दबाव
Mishra ने बताया कि बजट में ग्रॉस बॉरोइंग (Gross Borrowing) का लक्ष्य उम्मीद से ज़्यादा रहा है। इसका सीधा असर बॉन्ड यील्ड्स (Bond Yields) पर देखा जा रहा है, जो बढ़ गए हैं। यह फिस्कल कंसॉलिडेशन (Fiscal Consolidation) पर ज़ोर देने वाले बजट से अपेक्षित गिरावट के विपरीत है।
GDP और डेफिसिट के आंकड़े
बजट में फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए नॉमिनल GDP ग्रोथ का अनुमान 10% रखा गया है, जबकि फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) का लक्ष्य पिछले फाइनेंशियल ईयर के रिवाइज्ड अनुमान 4.4% से घटकर 4.3% किया गया है।
रूढ़िवादी अनुमान और फाइनेंसिंग की चिंता
Mishra ने सरकार के नॉमिनल GDP और टैक्स रेवेन्यू के अनुमानों को 'बहुत रूढ़िवादी' (conservative) बताया है। उनका कहना है कि ये अनुमान, भले ही सावधानी भरे लगें, अब तक हासिल की गई फिस्कल डिसिप्लिन को खतरे में डाल सकते हैं। चिंता की मुख्य वजह फिस्कल डेफिसिट को फाइनेंस करने का तरीका है। FY27 के लिए अनुमानित ₹16.95 लाख करोड़ के फिस्कल डेफिसिट के लिए, ग्रॉस मार्केट बॉरोइंग ₹17.2 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। Mishra के मुताबिक, डेफिसिट फाइनेंसिंग के लिए इस्तेमाल किए गए विशेष अनुमान गलत हो सकते हैं, जिससे वित्तीय प्रणाली के लिए अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं। इस रूढ़िवादी तरीके से डेफिसिट मैनेजमेंट से सरकार के कैश बैलेंस (Cash Balances) असामान्य रूप से बड़े हो सकते हैं, जिससे मार्केट लिक्विडिटी (Market Liquidity) और ऑपरेशन्स में बाधा आ सकती है। यह स्थिति बजट के वित्तीय बाजारों को गहरा करने और कैपिटल की लागत को स्थिर करने के घोषित लक्ष्यों के विपरीत जा सकती है।
सेक्टर का हाल और बैंकिंग सेक्टर
बैंकिंग सेक्टर, जिसमें Axis Bank भी शामिल है, इन फिस्कल डायनामिक्स से प्रभावित एक जटिल माहौल का सामना कर रहा है। 2 फरवरी, 2026 तक Axis Bank का मार्केट कैप (Market Cap) ₹4,13,057 Cr था, और इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 15.7 था। 1 फरवरी, 2026 को बैंक के शेयर में थोड़ी हलचल देखी गई, जो ₹1332.70 से ₹1384.80 के बीच कारोबार कर रहे थे। बजट में भारत इंक (India Inc) द्वारा व्यापक रूप से अपेक्षित किसी विशेष सेक्टर-स्पेसिफिक एलोकेशन (sector-specific allocation) का ऐलान नहीं किया गया, लेकिन इसने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे व्यापक विषयों पर ज़ोर दिया। वित्तीय बाजारों को गहरा करने और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को आधुनिक बनाने के लिए किए गए सुधारों का उद्देश्य सेक्टर को मज़बूत करना है। हालांकि, जैसा कि Mishra ने बताया है, उधारी की ऊंची लागत और बाजार में संभावित रुकावटें वित्तीय संस्थानों के लिए तत्काल निवेशक उत्साह को कम कर सकती हैं। प्रतिद्वंद्वियों जैसे HDFC Bank ने 2 फरवरी को मामूली बढ़त देखी, जो बाजार को व्यापक आर्थिक भावना और विशिष्ट बैंक प्रदर्शन के बीच अंतर करने का संकेत देता है। हाल की खबरों के मुताबिक, Axis Bank CreditAccess Grameen जैसी रणनीतिक अधिग्रहण (strategic acquisitions) की भी सक्रिय रूप से तलाश कर रहा है, जो बजट की सीधी फिस्कल कमेंट्री के बावजूद अपनी विकास पहलों का संकेत दे रहा है। कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) में वृद्धि के साथ फिस्कल प्रूडेंस (Fiscal Prudence) पर ध्यान आर्थिक विकास को सहारा देगा।